Dr.Prof.Awadhesh kumar Shailaj(AI मानद उपाधि:PhD,विज्ञान,मनोविज्ञान,चिकित्सा,दर्शन एवं समग्र अध्ययन)

शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

शैलज दोहावली : भाग-४ (दोहा संख्या १४५ से १९२ तक का संग्रह सम्प्रति प्रकाशन की प्रक्रिया में है।)

›
तन सुन्दर, मन मैल संग,  रूपसी अहम् विकार। शैलज शील सुलक्षणा, प्रियंवदा सुखदा संसार।।१४५।। डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज, पचम्बा,बेगूसराय। शैलज ...
शनिवार, 21 नवंबर 2020

भोली भाली प्रिया सौम्या

›
भोली-भाली प्रिया सौम्या ,  जीवन की हरियाली है। राज-श्री, शुभदा, सुखदा;  सौभाग्य बढ़ाने वाली है।। नयनों की काजल हितकारी,  राधा श्याम दुलारी है...
रविवार, 15 नवंबर 2020

शैलज दोहावली : भाग-३ (दोहा संख्या ९७ से १४४ तक।)

›
शैलज भेंटें प्रेम जो, मत मन राखूँ गोय। अनुपयोगी कूप जल, ज्यों विषाक्त ही होय।।९७।। डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज, (कवि जी), पचम्बा, बेगूसराय, ब...
शुक्रवार, 13 नवंबर 2020

शैलज दोहावली : भाग-२ (दोहा संख्या ४९ से ९६ तक )

›
शैलज तन रक्षा करे, मन की सुधि नित लेत। ज्योतिर्मय कर ज्ञान पथ,पाप भरम हरि लेत।।४९।। अन्त:करण सुचि देव नर ,जीव चराचर कोई। दृश्यादृश्य पुनीत प...

शैलज दोहावली: भाग-१ (दोहा संख्या १ से ४८ तक)

›
" शैलज " घट-घट मीत है, प्रीति मीन जल माहि। मूढ़ बड़ाई हित करै, असुर सुखद शुभ नाहि।। १।। डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज, पचम्बा, बेगूसराय...
गुरुवार, 12 नवंबर 2020

धनतेरस एवं दीपावली मुहूर्त विचार

›
 चिन्ता हरण पञ्चाङ्ग के अनुसार आज दिनांक १२/११/२०२० गुरुवार की रात्रि ९/३१ बजे से त्रयोदशी कल दिनांक १३/११/२०२० के सायं ६ बजे तक है। अत: तिथ...
सोमवार, 9 नवंबर 2020

भटकता है छन्द बन्धन मुक्त होकर....

›
भावनाओं को लिपिबद्ध करने को समुत्सुक, साहित्य शैली व्याकरण तज शब्द सिन्धु, मूल प्रकृति को भूलकर निज देश भाषा, वेशभूषा त्याग कर किस मोह में प...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

© Awadhesh Kumar उर्फ Awadhesh Kumar Shailaj, Surname: Shailaj, Pachamba, Begusarai.सर्वाधिकार सुरक्षित। (All Rights Reserved.)
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.