Dr.Prof.Awadhesh kumar Shailaj(AI मानद उपाधि:PhD,विज्ञान,मनोविज्ञान,चिकित्सा,दर्शन एवं समग्र अध्ययन)
शनिवार, 24 अप्रैल 2021
राष्ट्र कवि ! फिर जागो।
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राष्ट्र कवि ! फिर जागो । ("राष्ट्र कवि ! फिर जागो ।" का अद्यतन संशोधित संस्करण) राष्ट्र कवि ! फिर जागो । जागो, कविवर जागो। जन-जन म...
सोमवार, 12 अप्रैल 2021
माँ दुर्गा की प्रार्थना
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अपनी बोली अर्थात् अंगिका क्षेत्र बेगूसराय की भाषा में माँ दुर्गा की वन्दना / प्रार्थना करने का मैंने आज प्रथम बार प्रयास किया है और मिथिला ...
बुधवार, 7 अप्रैल 2021
शैलज घायल हो गया.....
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शैलज घायल हो गया, चुभ गया दिल में तीर। मुरझाया आनन कमल, बदल गया तकदीर।। मौसम बदला, हवा चली, बुझ गया एक चिराग। नीतिवान् गाते सदा, परिवर्त्तन ...
गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021
सरस्वती वंदना
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सरस्वती वंदना: ऐंकारी सृष्टि कारिणी, शारदा ज्ञान बुद्धि प्रदायिनी। वीणा पाणि, हंस वाहिनी, नीर क्षीर गुण न्याय कारिणी। वीणावादिनी, विद्या दात...
सोमवार, 4 जनवरी 2021
हम किसान छी
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हम किसान छी राजनीति के, सूखा कहीं बाढ़ भो भेल। की करूँ खेती, की करूँ मेल ? बाबा पप्पू कहाँ चलि गेल ? खाद बीज सब महँगा भेल, बिजली पानी डीजल गे...
शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020
शैलज दोहावली : भाग-४ (दोहा संख्या १४५ से १९२ तक का संग्रह सम्प्रति प्रकाशन की प्रक्रिया में है।)
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तन सुन्दर, मन मैल संग, रूपसी अहम् विकार। शैलज शील सुलक्षणा, प्रियंवदा सुखदा संसार।।१४५।। डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज, पचम्बा,बेगूसराय। शैलज ...
शनिवार, 21 नवंबर 2020
भोली भाली प्रिया सौम्या
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भोली-भाली प्रिया सौम्या , जीवन की हरियाली है। राज-श्री, शुभदा, सुखदा; सौभाग्य बढ़ाने वाली है।। नयनों की काजल हितकारी, राधा श्याम दुलारी है...
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