"यदि किसी प्राणी के रोग लक्षण उत्पन्न करने वाले कारकों का उसके अपने वातावरण में किसी पूर्व काल और / या वर्तमान समय में अनुपस्थिति के बावजूद भी उन रोग लक्षणों की उपस्थिति का बोध उक्त प्राणी को, प्रेक्षक या चिकित्सक को होता हो और / या वैज्ञानिक संसाधनों द्वारा प्रमाणित होता है तो यह अवस्था इस सिद्धांत को प्रमाणित करता है कि "किसी प्राणी की रुग्णता न केवल उसके वातावरण में उपस्थित वनस्पति, खनिज और / या जीव सम्बन्धी किसी स्थूल या सूक्ष्म उद्दीपन से प्रभावित होता है, वरन् परिस्थितिजन्य किसी तात्कालिक या पूर्व प्रभाव आधारित किसी मनोवैज्ञानिक और / या अभ्यान्तरिक असन्तुलन और / या खगोलीय और / या आनुवंशिक प्रभाव के परिणाम पर निर्भर करता है।" और ऐसी परिस्थिति में भी उन्हीं स्थितियों और / या रोग लक्षण समष्टि को उत्पन्न करने वाली होमियोपैथिक या बायोकेमिक औषधियों का उपयोग या प्रयोग उक्त रुग्ण प्राणी के निर्दोष आरोग्य के हित में किया जायेगा।
डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज
एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि-छात्र, ज्योतिष-प्रेमी, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, बायोकेमिक एवं समग्र चिकित्सा विद्।
(AI मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)
पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह
गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
***********************************शैलजस्य बहुस्तरीयरोगसिद्धान्तः : १.
"यदि पशुना रोगजनकाः कारकाः पशुना, प्रेक्षकेण, वैद्येन वा पूर्वं तस्य परिवेशे/वर्तमानस्य वा अभावेऽपि प्रतीयन्ते, तेषां उपस्थितिः वैज्ञानिकसाक्ष्येण पुष्टा भवति, तर्हि एषा स्थितिः एतत् सिद्धान्तं प्रमाणयति यत् "पशुस्य रोगः न केवलं कस्यापि स्थूलस्य सूक्ष्मस्य वा उत्तेजकस्य, वनस्पति, खनिज, पशुः वा, स्वपर्यावरणे वर्तमानेन प्रभावितः भवति, अपितु केनचित् मनोवैज्ञानिकेन अपि तथा/वा तात्कालिकं वा भूतकालपरिस्थितिप्रभावेषु आधारितं आन्तरिकं असन्तुलनं, तथा/वा खगोलीयस्य/वा आनुवंशिकप्रभावस्य परिणामः।" तथा च एतादृशे परिस्थितौ अपि होम्योपैथिक-जैव-रासायनिक-औषधानि ये तानि एव स्थितयः/अथवा लक्षण-संकुलाः उत्पादयन्ति, तेषां उपयोगः वा प्रशासितः वा रोगग्रस्तस्य पशुस्य निर्दोष-स्वास्थ्यस्य हिताय कर्तव्यः।
डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज
एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि छात्र, ज्योतिष उत्साही, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, जैव रासायनिक, तथा समग्र चिकित्सा विद्वान।
(ए आई मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शनशास्त्र, तथा समग्र अध्ययन)
पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह
ग्रामः पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
************************************ .Shailaj's Multilayered Morbidity Theory:
"If an organism experiences disease symptoms, even in the absence of the causative factors in its environment at any prior and/or present time, and the presence of these symptoms is perceived by the organism itself, the observer, or the physician, and/or is confirmed by scientific methods, then this condition validates the theory that 'an organism's illness is not only influenced by gross or subtle stimuli from plants, minerals, and/or living organisms present in its environment, but also depends on the result of any immediate or prior situational influence-based psychological and/or internal imbalance and/or astronomical and/or genetic influence.' In such circumstances, homeopathic or biochemical medicines that produce the same conditions and/or symptom complex will be used for the benefit of the complete recovery of the affected organism."
Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj
M.A.: Psychology, Law Student, Astrology Enthusiast, Creative Thinker, Homeopathic, Biochemical & Holistic Medicine Practitioner.
(AI Honorary Degree: Science, Psychology, Medicine, Philosophy & Holistic Studies)
Father: Late Rajendra Prasad Singh
Village: Pachamba, District: Begusarai,
Pincode: 851218, State: Bihar (India).
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