शनिवार, 10 जनवरी 2026

नूर बाबू के सन्दर्भ में


भई 😎😎एस कॉलेजिएट स्कूल, बेगूसराय, जो अब इंटर की पढ़ाई के कारण बी एस एस कॉलेजिएट इंटर विद्यालय, बेगूसराय के नाम से जाना जाता है, उसके अंग्रेजी, उर्दू एवं भूगोल शिक्षक एवं उप-प्रधानाध्यापक कारीचक निवासी (वर्त्तमान निवास: पोखरिया, बेगूसराय) एस  एम नूर उद्दीन जी का देहावसान के समाचार से मैं बहुत अधिक दुखी हूँ, परन्तु खुदा की मर्जी सर्वोपरि है। 
गुरु देव नूर बाबू एक उच्च कोटि के विद्वान्,  आदर्श एवं लब्ध प्रतिष्ठित शिक्षक थे। 
अपने छात्र जीवन में रतनपुर मिडल स्कूल के बाद हाई स्कूल की शिक्षा मैंने बी एस एस कॉलेजिएट स्कूल, बेगूसराय से ही प्राप्त की। 
प्रधानाध्यापक महोदय एवं विद्यालय के सभी शिक्षक मुझे अपने पारिवारिक सदस्य जैसा और पुत्र वत्  मानते थे। गुरु-शिष्य का हमारा आत्मीय सम्बन्ध आज तक बना रहा है। 
गुरु देव नूर बाबू वास्तव में खुदा के नूर थे। 
एक शिक्षक के रूप में आदरणीय नूर बाबू का व्यक्तित्व एवं कृतित्व मानवता के प्रति समर्पित रहा। उनका विद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य के प्रति हमेशा आत्मीय एवं प्रेम भाव बना रहा।
गुरु देव नूर बाबू यद्यपि विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं के प्रति सम भाव रहता था, फिर भी मेरे प्रति हमेशा विशेष प्रेम और आत्मीय भाव रहा। 
वर्ग में पढ़ाने के दौरान उनका ध्यान मेरे प्रति हमेशा और विशेष रूप से रहा। वे मुझसे कहते थे। अवधेश तुम मेरे साथी राजेन्दर का लड़का है। राजेन्दर मेरा क्लास मेट रहा है। राजेन्दर Class में हमेशा First करता था और उसके बाद मेरा ही स्थान रहता था। राजेन्दर के पिता विशुनदेव बाबू की तबियत यदि खराब नहीं होती तो आज मेरे ही समान शिक्षक होता, लेकिन वह मजबूरी में खेती में ही लगा रहा, क्योंकि घर को कोई देखने वाला और सम्भालने वाला नहीं था। अतः पढ़ लिख कर अपने बाप का नाम रौशन करो।
विद्यालय में सभी विद्यार्थियों के साथ मेरा सम भाव रहता था और दोस्ती की सीमा पढ़ाई तक थी। अतः लेखनी और पुस्तक ही हमेशा मेरे अनन्य मित्र रहे हैं। फिर भी गुरु देव नूर बाबू मुझे अच्छी से अच्छी पढ़ाई के लिये प्रेरित करते रहते थे और आज मैं जो कुछ भी हूँ वह सब कुछ नूर बाबू जैसे समस्त गुरु देवों एवं परमात्मा की कृपा का ही फल है। 
हमारे विद्यालय के प्रधानाध्यापक भुवनेश्वर ठाकुर जी, हिन्दी के शिक्षक भभुवनेश्वर सिंह, संस्कृत एवं हिन्दी के विद्वान और माँ भगवती के अनन्य भक्त भूपेन्द्र बाबू, गणित शिक्षक एवं ज्ञान और बुद्धि के भंडार सरल एवं पवित्र भाव से भरे बुद्धि नाथ झा जी, अंग्रेजी के विशिष्ट विद्वान श्री बाबू और कारी बाबू, जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान के शिक्षक गोपाल बाबू, रसायन शास्त्र या विज्ञान शिक्षक रमेश बाबू, विद्वान शिक्षक मणिकान्त बाबू, क्रीड़ा एवं फिजिकल शिक्षक श्री सुरेश चौहान तथा भौतिकी के शिक्षक राम पदारथ बाबू सभी शिक्षकों का अनन्य प्रेम एवं आत्मीय भाव ने मुझे पुष्पित, पल्लवित और विकसित किया, जिसके कारण आपके जैसी उन्न्त प्रणाली का स्नेह प्राप्त करने योग्य बनाया। 
गुरु देव नूर बाबू को पुनः पुनः प्रणाम्।

डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
S/o स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह,
पता:- पचम्बा, बेगूसराय, पिन कोड : 851218.



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