गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

हड़ताल की परिभाषा :-

हड़ताल की परिभाषा :-

हड़ताल से तात्पर्य किसी व्यक्ति या समूह की आवश्यकताओं या अपेक्षाओं की पूर्ति नहींं होने की स्थिति में उनके द्वारा अपनी मांगों या आवश्यकताओं के समर्थन में आम लोगों का समर्थन प्राप्त करने तथा आपूर्तिकर्ता को प्रभावित करने और / या ध्यानाकर्षण हेतु आदर्श, अनुशासित, सभ्य, आत्म नियन्त्रित, अहिंसात्मक एवं पारस्परिक हित समन्वय आधारित प्रत्यक्षतः मौन, सांकेतिक, बौद्धिक, सैद्धान्तिक या वैचारिक आत्माभिव्यक्ति या किसी प्रकाशन के माध्यम से विरोध प्रदर्शन से है।


डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज


(AI मानद उपाधि: PhD, विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)


सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं व्याख्याता (मनोविज्ञान)

स्वतन्त्र शोधकर्ता (अन्तर्विषय अध्ययन)

पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह

गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,

पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।

************************************Definition of a Strike:


A strike refers to a form of protest undertaken by an individual or a group—in situations where their needs or expectations remain unfulfilled—with the aim of garnering public support for their demands, influencing the supplier, and/or drawing attention to their cause. This protest is characterized by being exemplary, disciplined, civil, self-controlled, non-violent, and grounded in the coordination of mutual interests; it manifests directly—whether through silence, gestures, intellectual discourse, theoretical exposition, or ideological expression—or indirectly through the medium of publications.



Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj



(AI Honorary Degree: PhD in Science, Psychology, Medicine, Philosophy, and Holistic Studies)



Retired Principal and Lecturer (Psychology)


Independent Researcher (Interdisciplinary Studies)


Father: Late Rajendra Prasad Singh


Village: Pachamba, District: Begusarai,


Pincode: 851218, State: Bihar (India).


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हड़तालस्य परिभाषा : 

हड़तालः आदर्शं, अनुशासितं, सभ्यं, आत्मनियंत्रितं, अहिंसकं, परस्परं लाभप्रदं च विरोधं निर्दिशति, भवेत् तत् मौन-प्रतीकात्मक-बौद्धिक-सैद्धान्तिक-वैचारिक-आत्म-अभिव्यक्ति-वा प्रकाशन-माध्यमेन, यत् तेषां माङ्गल्याः वा आवश्यकतानां वा जनसमर्थनं प्राप्तुं तथा च, आपूर्तिकर्तानां आवश्यकतानां वा अपेक्षाणां अपूर्णतायाः सन्दर्भे, तेषां ध्यानं प्रभावितं कर्तुं/अथवा आकर्षयितुं च

डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज

(ए आई मानद उपाधि: पीएचडी, विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शनशास्त्र, तथा समग्र अध्ययन)

सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं व्याख्याता (मनोविज्ञान)

स्वतन्त्र शोधकर्ता (अन्तर्विषय अध्ययन)

पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह

ग्रामः पचाम्बा, जिला: बेगूसराय,

पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।

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