मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज जी,
आपके द्वारा प्रस्तुत शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) के तीनों पृष्ठों का अध्ययन करने के आधार पर उन्हें भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India—ECI) के समक्ष प्रस्तुत किए जाने योग्य औपचारिक, विधिसम्मत, स्पष्ट, संक्षिप्त एवं प्रशासनिक भाषा-शैली में पुनर्गठित किया जा सकता है।
इस पुनर्लेखन में दल की स्थापना की मूल भावना, संस्थापक की भूमिका, दल की विशिष्ट वैचारिक पहचान, सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य तथा स्थापना-घोषणा-पत्र की प्रामाणिकता को सुरक्षित रखते हुए अनावश्यक पुनरावृत्तियों को कम किया गया है।
एक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि निर्वाचन आयोग के पंजीकरण संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार दल के संविधान में भारतीय संविधान के अनुरूप उद्देश्य, सदस्यता, संगठनात्मक संरचना तथा लोकतांत्रिक निर्णय-प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। अतः केवल भाषा का परिष्कार पंजीकरण की स्वीकृति की गारंटी नहीं है। �
Election Commission of India +1
नीचे संशोधित प्रारूप प्रस्तुत है।
शैलज लोकतांत्रिक दल
(Shailaj Democratic Party)
आधिकारिक एवं सार्वजनिक स्थापना-घोषणा-पत्र
स्थापना की तिथि : 07 मार्च 2026
पत्रांक : SDP/1R
मुख्य कार्यालय : ग्राम पचम्बा, पो० सुहृद नगर (851218), जिला बेगूसराय, बिहार, भारत।
पृष्ठ संख्या–1
भाग–1 : दल की स्थापना एवं आधिकारिक पहचान
1. स्थापना की घोषणा
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, पुत्र स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह, निवासी ग्राम पचम्बा, डाकघर सुहृद नगर (851218), जिला बेगूसराय, राज्य बिहार, भारत, अपने अध्ययन, चिन्तन, अनुभव, वैचारिक दृष्टिकोण तथा राष्ट्रीय, सामाजिक एवं नागरिक हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के आधार पर यह घोषित करता हूँ कि मैंने दिनांक 07 मार्च 2026 को अपनी आत्मप्रेरणा से शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) की स्थापना की घोषणा की।
इस स्थापना के मूल में भारतीय संविधान के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रतिष्ठा, समतामूलक सामाजिक व्यवस्था, रचनात्मक शासन, राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता, नागरिक हितों की रक्षा तथा राष्ट्रहितैषी लोकतांत्रिक व्यवस्था के विकास की भावना निहित है।
2. सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य एवं स्थापना-घोषणा-पत्र
दल की स्थापना के अवसर पर दिनांक 07 मार्च 2026 को मेरे द्वारा सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य (Public Declaration Statement) जारी किया गया।
इसके पश्चात दल के उद्देश्यों, विचारधारा, नीतिगत दृष्टिकोण तथा संगठनात्मक पहचान को अधिक स्पष्ट एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने के लिए शैलज लोकतांत्रिक दल का स्थापना-घोषणा-पत्र जारी किया गया।
स्थापना-घोषणा-पत्र का पत्रांक SDP/1R, दिनांक 07 मार्च 2026 है।
उक्त सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य तथा स्थापना-घोषणा-पत्र दल की स्थापना से संबंधित मूल दस्तावेज हैं। दोनों दस्तावेजों को उनके निर्धारित नाम, पत्रांक एवं तिथि के आधार पर पृथक-पृथक पहचाना जाएगा।
3. दल का आधिकारिक नाम
दल का आधिकारिक हिन्दी नाम शैलज लोकतांत्रिक दल तथा उसका अंग्रेजी नाम Shailaj Democratic Party है।
सामान्य एवं संक्षिप्त उल्लेख के लिए शैलज दल (Shailaj Dal/Party) शब्दावली का प्रयोग किया जा सकता है। यह संक्षिप्त नाम उसी दल के संदर्भ में प्रयुक्त होगा; इसे किसी पृथक राजनीतिक दल या स्वतंत्र संगठन का नाम नहीं माना जाएगा।
दल के आधिकारिक नाम का प्रयोग उसके संविधान, निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत आवेदन, घोषणापत्र, पत्राचार, संगठनात्मक अभिलेखों तथा अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में एकरूपता के साथ किया जाएगा।
4. दल का मुख्य कार्यालय एवं कार्यक्षेत्र
दल का मुख्य कार्यालय निम्नलिखित पते पर स्थित है—
शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)
ग्राम : पचम्बा
डाकघर : सुहृद नगर
पिन कोड : 851218
जिला : बेगूसराय
राज्य : बिहार
देश : भारत।
दल का प्रस्तावित कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारत होगा। दल अपने संगठनात्मक विस्तार, सदस्यता तथा गतिविधियों का संचालन लागू कानूनों, निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं अपने विधिवत स्वीकृत संविधान के अनुसार करेगा।
आवश्यकतानुसार देश के विभिन्न राज्यों, जिलों तथा अन्य क्षेत्रों में दल के कार्यालय स्थापित किए जा सकेंगे, बशर्ते ऐसा करना लागू नियमों एवं दल के संविधान के अनुरूप हो।
पृष्ठ संख्या–2
भाग–2 : संस्थापक, वैचारिक आधार एवं संगठनात्मक प्रतिबद्धता
5. संस्थापक का परिचय एवं भूमिका
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, शैलज लोकतांत्रिक दल का संस्थापक हूँ। दल की स्थापना की परिकल्पना, प्रारम्भिक वैचारिक रूपरेखा तथा स्थापना-घोषणा-पत्र का निर्माण मेरे अध्ययन, चिन्तन, अनुभव एवं बौद्धिक प्रयासों का परिणाम है।
दल की स्थापना के समय मेरी भूमिका संस्थापक एवं प्रारम्भिक संगठनात्मक नेतृत्व की रही है। दल के अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष अथवा अन्य संगठनात्मक पदों से संबंधित अधिकार, दायित्व, कार्यकाल एवं चयन की प्रक्रिया दल के विधिवत स्वीकृत संविधान के अनुसार निर्धारित किए जाएंगे।
दल के संस्थापक के रूप में मेरी भूमिका का सम्मान करते हुए संगठन के संचालन में संविधान, निर्धारित नियमों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तथा सामूहिक निर्णय-व्यवस्था को महत्त्व दिया जाएगा।
6. दल की वैचारिक मौलिकता
शैलज लोकतांत्रिक दल मेरी आत्मप्रेरणा से विकसित एक स्वतंत्र राजनीतिक पहल है।
दल के उद्देश्य, कार्यक्रम, नीतिगत दृष्टिकोण, विचारधारा एवं संगठनात्मक अवधारणाएँ मेरे अध्ययन, चिन्तन, अनुभव तथा वैचारिक प्रयासों से विकसित हुई हैं।
दल इन विचारों को सार्वजनिक जीवन में रचनात्मक कार्यों, लोकतांत्रिक सहभागिता, नीतिगत विमर्श तथा जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दल की वैचारिक पहचान का विकास उसके मूल उद्देश्यों के अनुरूप किया जाएगा। इसके साथ ही दल के संविधान में संशोधन अथवा नीतिगत परिवर्तन की प्रक्रिया स्पष्ट, विधिसम्मत एवं लोकतांत्रिक होगी।
7. बौद्धिक कृतियों एवं वैचारिक सामग्री के संबंध में घोषणा
मेरे द्वारा रचित, विकसित अथवा विधिपूर्वक स्वामित्वाधीन मौलिक साहित्यिक, वैचारिक, शैक्षणिक एवं अन्य बौद्धिक कृतियों पर मेरे विधिसम्मत अधिकार लागू कानूनों के अधीन सुरक्षित रहेंगे।
ऐसी कृतियों का पुनरुत्पादन, प्रकाशन, वितरण, संशोधन अथवा अन्य उपयोग संबंधित कानूनों तथा लागू अधिकारों के अनुसार किया जाएगा।
दल के आधिकारिक दस्तावेजों, घोषणापत्रों, नीतिगत सामग्री एवं संगठनात्मक अभिलेखों के उपयोग और प्रकाशन का निर्धारण उनके स्वरूप, स्वामित्व तथा लागू कानूनों के अनुसार किया जाएगा।
इस घोषणा का उद्देश्य मौलिक बौद्धिक योगदान की पहचान एवं संरक्षण करना है। इससे दल के विधिवत स्वीकृत संविधान, उसके सदस्यों के वैधानिक अधिकारों अथवा लागू लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
8. दल की स्थापना के प्रति प्रतिबद्धता
शैलज लोकतांत्रिक दल का उद्देश्य भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सामाजिक समता को प्रोत्साहित करना तथा नागरिकों के अधिकारों, कर्तव्यों एवं हितों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
दल राष्ट्रहित, जनहित, नागरिक हित तथा व्यापक मानवीय हितों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए रचनात्मक प्रयास करेगा।
दल अपने घोषित उद्देश्यों एवं नीतियों के अनुरूप शांतिपूर्ण, संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक साधनों से कार्य करेगा।
9. भारत एवं विश्व के प्रति दृष्टिकोण
मैं भारत की मातृभूमि, उसकी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता तथा नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करता हूँ।
दल भारत की विविध भाषाओं, सामाजिक परम्पराओं, ज्ञान-परम्पराओं एवं रचनात्मक क्षमताओं के विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखेगा।
दल का व्यापक दृष्टिकोण भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए अन्य देशों एवं विश्व समुदाय के साथ पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा हितकारी संबंधों को प्रोत्साहित करना है।
पृष्ठ संख्या–3
भाग–3 : मूल उद्देश्य, सदस्यता एवं संवैधानिक प्रतिबद्धता
10. दल के मूल उद्देश्य एवं आदर्श
शैलज लोकतांत्रिक दल के मूल उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा एवं संवैधानिक शासन-व्यवस्था के प्रति सम्मान।
लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहन।
समतामूलक, न्यायपूर्ण एवं उत्तरदायी सामाजिक व्यवस्था के विकास का प्रयास।
राष्ट्रीय हित, जनहित एवं नागरिक हितों की रक्षा।
रचनात्मक, विकासात्मक एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान।
शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान तथा बौद्धिक विकास को प्रोत्साहन।
भारतीय भाषाओं, साहित्य, संस्कृति एवं ज्ञान-परम्पराओं का विकास।
नागरिकों में संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता।
आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए जनहितकारी नीतियों का समर्थन।
लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण उपायों से राष्ट्रीय तथा सामाजिक समस्याओं के समाधान का प्रयास।
उपर्युक्त उद्देश्यों की विस्तृत व्याख्या, क्रियान्वयन की प्रक्रिया तथा उनसे संबंधित कार्यक्रम दल के संविधान एवं नीतिगत दस्तावेजों में निर्धारित किए जाएंगे।
11. दल का मूल मंत्र
दल के मूल वैचारिक मंत्र को निम्नलिखित रूप में अभिव्यक्त किया जाता है—
“संविधान-सम्मत, समतामूलक, रचनात्मक, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहितैषी लोकतंत्र।”
दल के विस्तृत वैचारिक दृष्टिकोण को निम्नलिखित शब्दों में भी प्रस्तुत किया जा सकता है—
“राष्ट्र, लोक एवं नागरिक हितैषी; संविधान-सम्मत, समतामूलक, ज्ञान-विज्ञान सम्पन्न, रचनात्मक, विकासात्मक एवं आत्मनिर्भर लोकतंत्र।”
यह मूल मंत्र दल की वैचारिक पहचान तथा नीतिगत दिशा का संक्षिप्त परिचायक है। इसके विस्तृत अर्थ एवं कार्यान्वयन का निर्धारण दल के संविधान और घोषित नीतियों के अनुरूप किया जाएगा।
12. सदस्यता का आधार
दल की सदस्यता के लिए पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया, सदस्यता की स्वीकृति, सदस्यता अभिलेखों का संधारण, सदस्यों के अधिकार एवं कर्तव्य तथा सदस्यता समाप्त करने की परिस्थितियाँ दल के संविधान के अनुसार निर्धारित होंगी।
सदस्यता संबंधी प्रावधान भारतीय कानूनों एवं निर्वाचन आयोग के लागू दिशानिर्देशों के अनुरूप होंगे।
दल की संगठनात्मक संरचना तथा पदाधिकारियों के चयन में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, निर्धारित पात्रता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को महत्त्व दिया जाएगा।
13. संस्थापक सदस्य एवं अन्य सदस्यों की भूमिका
दल की स्थापना के समय संस्थापक की भूमिका तथा भविष्य में शामिल होने वाले सदस्यों की भूमिका को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा।
दल के संस्थापक का ऐतिहासिक एवं वैचारिक योगदान दल के अभिलेखों में सुरक्षित रखा जाएगा।
भविष्य में सदस्यता ग्रहण करने वाले पात्र व्यक्तियों के अधिकार, दायित्व तथा संगठनात्मक सहभागिता दल के संविधान के अनुसार निर्धारित होंगे।
सदस्यता प्रदान करने, पदाधिकारियों का चयन करने तथा संगठनात्मक निर्णय लेने की प्रक्रिया में दल के संविधान के लोकतांत्रिक प्रावधान लागू होंगे।
14. स्थापना-घोषणा-पत्र एवं संविधान की प्रामाणिकता
दिनांक 07 मार्च 2026 को जारी सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य तथा पत्रांक SDP/1R, दिनांक 07 मार्च 2026 का स्थापना-घोषणा-पत्र दल की स्थापना से संबंधित मूल दस्तावेज हैं।
दल का विस्तृत संविधान उसके संगठनात्मक ढाँचे, सदस्यता, पदाधिकारियों के अधिकार एवं दायित्व, आंतरिक निर्वाचन, वित्तीय प्रबंधन, अनुशासन तथा संशोधन की प्रक्रिया का निर्धारण करेगा।
स्थापना-घोषणा-पत्र में निहित मूल उद्देश्यों एवं वैचारिक सिद्धान्तों को दल की नीतिगत पहचान के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। तथापि, संविधान एवं नीतियों में परिवर्तन की प्रक्रिया दल के विधिवत स्वीकृत संविधान तथा लागू कानूनों के अनुसार होगी।
किसी दस्तावेज की प्रामाणिकता का निर्धारण उसके आधिकारिक नाम, पत्रांक, दिनांक, हस्ताक्षर तथा अन्य संबंधित अभिलेखों के आधार पर किया जाएगा।
15. संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता
शैलज लोकतांत्रिक दल भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा रखते हुए लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था, संवैधानिक संस्थाओं तथा नागरिक अधिकारों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
दल के सभी संगठनात्मक कार्य, नीतिगत निर्णय तथा राजनीतिक गतिविधियाँ लागू कानूनों एवं दल के संविधान के अनुरूप संचालित होंगी।
दल किसी भी प्रकार की गैरकानूनी, हिंसक अथवा विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करेगा।
दल का प्रयास होगा कि राष्ट्रीय हित, सामाजिक समता, नागरिक कल्याण तथा रचनात्मक विकास के उद्देश्यों को लोकतांत्रिक साधनों से आगे बढ़ाया जाए।
16. घोषणा एवं प्रमाणीकरण
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, शैलज लोकतांत्रिक दल का संस्थापक, यह घोषित करता हूँ कि उपर्युक्त विवरण दल की स्थापना, उसके मूल उद्देश्यों तथा वैचारिक पहचान को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया है।
इस दस्तावेज में उल्लिखित तथ्य संबंधित मूल अभिलेखों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के अनुरूप सत्यापित किए जाने के अधीन हैं।
इसे निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन, संविधान तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ संगत रखते हुए अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्थान : पचम्बा, बेगूसराय, बिहार
दिनांक : ..........................
हस्ताक्षर : ....................................
नाम : डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज
पद : संस्थापक, शैलज लोकतांत्रिक दल
पत्रांक : SDP/1R (संबंधित मूल दस्तावेज के अनुसार)
निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने से पहले पाँच महत्त्वपूर्ण बिन्दु
डॉ. शैलज जी, आपके मूल तीन पृष्ठों की तुलना में इस प्रारूप में कुछ आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक सुधार किए गए हैं।
क्रम
मूल प्रारूप में विचारणीय विषय
संशोधित प्रारूप में अपनाया गया दृष्टिकोण
1
संस्थापक को आजीवन एकमात्र सदस्य घोषित करना
संस्थापक की भूमिका सुरक्षित रखते हुए सदस्यता को संविधानानुसार निर्धारित करना
2
घोषणा-पत्र एवं संविधान में भविष्य में किसी भी परिस्थिति में परिवर्तन न करने का कथन
मूल वैचारिक पहचान सुरक्षित रखते हुए विधिसम्मत संशोधन की व्यवस्था
3
संस्थापक को सभी बौद्धिक कृतियों पर पूर्ण एवं निरपेक्ष अधिकार देने का कथन
लागू बौद्धिक संपदा कानूनों के अधीन अधिकारों का संरक्षण
4
₹2 के टिकट, शपथपत्र तथा प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट आदि के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों का उल्लेख
सदस्यता एवं दस्तावेजी आवश्यकताओं को लागू निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित करना
5
एक ही घोषणा को अनेक अनुच्छेदों में दोहराना
स्थापना, पहचान, उद्देश्य, सदस्यता एवं प्रमाणीकरण को अलग-अलग शीर्षकों में व्यवस्थित करना
विशेष विधिक सावधानी
निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों में राजनीतिक दल के संविधान के लिए लोकतांत्रिक संगठनात्मक व्यवस्था, सदस्यता तथा निर्णय-प्रक्रिया का महत्त्व है। इसलिए संस्थापक की भूमिका को सुरक्षित रखते हुए भी ऐसी भाषा से बचना उचित है, जिसका अर्थ यह निकले कि संस्थापक को संगठन की प्रत्येक भावी गतिविधि पर अपरिवर्तनीय या निरपेक्ष अधिकार प्राप्त है। �
Election Commission of India
एक और महत्त्वपूर्ण विषय: आपके मूल दस्तावेज में स्थापना की तिथि 07 मार्च 2026 है। निर्वाचन आयोग के प्रकाशित दिशानिर्देशों में राजनीतिक दल के गठन के बाद आवेदन प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा का उल्लेख है। इसलिए यदि आवेदन अभी तक प्रस्तुत नहीं हुआ है, तो केवल इस संशोधित भाषा के आधार पर आवेदन की समयबद्धता की समस्या दूर नहीं होगी। वर्तमान में लागू प्रक्रिया और समय-सीमा के संबंध में निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट कराना आवश्यक होगा। �
Election Commission of India +1
मेरा सुझाव: इस प्रारूप को तीन पृष्ठों के मूल दस्तावेज का परिष्कृत प्रारूप माना जाए। इसे अंतिम रूप से प्रस्तुत करने से पहले दल के विस्तृत संविधान, वास्तविक संगठनात्मक व्यवस्था, सदस्यता अभिलेखों और निर्वाचन आयोग के वर्तमान आवेदन-प्रारूप के साथ मिलान करना चाहिए। इससे शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) की मूल वैचारिक पहचान भी सुरक्षित रहेगी और दस्तावेज की प्रशासनिक स्पष्टता भी बढ़ेगी।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

शैलज लोकतांत्रिक दल
स्थापना एवं सार्वजनिक घोषणा-पत्र का संक्षिप्त एवं सारगर्भित स्वरूप
(मूल घोषणा-पत्र के तीन पृष्ठों के मूल भाव एवं उद्देश्यों पर आधारित)
1. दल की स्थापना एवं परिचय
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज उर्फ अवधेश कुमार शैलज, पुत्र– स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह, निवासी– ग्राम पंचबा, पो० सुदृढ़ नगर (851218), जिला बेगूसराय, बिहार (भारत), अपने अध्ययन, चिंतन, अनुभव, वैचारिक दृष्टिकोण एवं आत्मप्रेरणा के आधार पर दिनांक 07 मार्च 2026 को शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) की स्थापना की घोषणा करता हूँ।
दल की स्थापना का उद्देश्य राष्ट्रीय एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप लोकतांत्रिक मूल्यों, भारतीय संविधान, जनहित, नागरिक अधिकारों तथा उत्तरदायी शासन-व्यवस्था की प्रतिष्ठा करना है। इस दल को शैलज दल (Shailaj Dal/Party) के संक्षिप्त नाम से भी जाना जाएगा।
दल का मुख्यालय ग्राम पंचबा, पो० सुदृढ़ नगर (851218), जिला बेगूसराय, बिहार (भारत) में स्थित है। आवश्यकतानुसार भारत के अन्य स्थानों पर भी इसकी शाखाएँ एवं कार्यालय स्थापित किए जा सकेंगे।
2. संस्थापक एवं नेतृत्व
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, इस दल का संकल्पनाकार, संस्थापक, संस्थापक-अध्यक्ष सह राष्ट्रीय अध्यक्ष, आजीवन सदस्य एवं अधिकृत प्रतिनिधि हूँ। दल की स्थापना मेरे अध्ययन, चिंतन, अनुभव एवं मौलिक वैचारिक संपदा का परिणाम है।
दल के उद्देश्यों, कार्यक्रमों, नीतियों, विचारधारा एवं संविधान की मूल भावना को सुरक्षित रखते हुए उसके विकास एवं क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध रहूँगा।
दल के नाम, विचारों एवं मौलिक बौद्धिक संपदा पर मेरे तथा मेरे उत्तराधिकारियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। इनके अनधिकृत उपयोग, हस्तांतरण, प्रकाशन अथवा प्रतिलिपिकरण को प्रतिबंधित माना जाएगा, लागू कानूनों के अधीन।
3. स्थापना-घोषणा के आधिकारिक दस्तावेज
दिनांक 07 मार्च 2026 को दल के संबंध में निम्नलिखित दस्तावेज जारी किए गए हैं—
सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य (Public Declaration Statement) — पत्रांक SDP/1।
आधिकारिक एवं सार्वजनिक स्थापना-घोषणा-पत्र — पत्रांक SDP/1R।
पत्रांक SDP/1R वाला संशोधित स्थापना-घोषणा-पत्र दल का अंतिम एवं मान्य स्थापना-घोषणा-पत्र है। पूर्ववर्ती घोषणा तथा अन्य दस्तावेजों की व्याख्या इसके अनुरूप की जाएगी।
4. सदस्यता एवं संगठनात्मक व्यवस्था
दल के घोषणा-पत्र एवं संविधान के अनुरूप सदस्यता के इच्छुक वयस्क भारतीय नागरिकों को सदस्यता प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में 100 प्राथमिक सदस्यों की सदस्यता स्वीकृत करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इन सदस्यों में से पदाधिकारियों के चयन हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त किए जाएँगे।
दल का कार्यक्षेत्र संपूर्ण भारत होगा। आवश्यकतानुसार विभिन्न राज्यों, जिलों एवं अन्य क्षेत्रों में संगठनात्मक इकाइयाँ गठित की जा सकेंगी।
5. दल के मूल उद्देश्य एवं वैचारिक प्रतिबद्धता
शैलज लोकतांत्रिक दल भारतीय संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा उच्च आदर्शों के प्रति सम्मान रखते हुए निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा—
संविधान-सम्मत शासन: संवैधानिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों का सम्मान।
समतामूलक समाज: समानता, समदर्शिता, न्याय एवं सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहन।
रचनात्मक एवं विकासात्मक लोकतंत्र: राष्ट्रीय विकास, जनकल्याण एवं सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा।
आत्मनिर्भर भारत: आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञान-विज्ञान संबंधी विकास को प्रोत्साहन।
उत्तरदायी शासन: पारदर्शिता, अनुशासन, निष्पक्षता एवं जनहित को प्राथमिकता।
ज्ञान-विज्ञान संपन्न समाज: शिक्षा, शोध, बौद्धिक विकास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवर्धन।
राष्ट्रीय एवं नागरिक हित: राष्ट्र, समाज तथा नागरिकों के हितों का समन्वित संरक्षण।
दल प्रत्येक भारतीय के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास तथा आत्मनिर्भर नागरिक-गुणों के संवर्धन के लिए यथासंभव सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान करेगा।
6. दल के सिद्धांतों एवं नीतियों की स्थिरता
दल के भावी सदस्य एवं पदाधिकारी इसके मूल उद्देश्यों, कार्यक्रमों, नीतियों, विचारधारा तथा संविधान की मूल भावना का सम्मान करेंगे। दल की नीतियों एवं निर्णयों का निर्धारण इसी वैचारिक आधार पर किया जाएगा।
सत्ता अथवा विपक्ष में रहने की स्थिति में भी दल अपने मूल सिद्धांतों, जनहित, संवैधानिक मर्यादाओं एवं घोषित नीतियों से विचलित नहीं होगा। दल किसी भी विधि-विरुद्ध अथवा विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करेगा।
घोषणा-पत्र में निहित मूल उद्देश्यों को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक विस्तृत कार्यक्रमों एवं नीतियों का विकास दल के संविधान तथा लागू कानूनों के अनुरूप किया जाएगा।
समापन घोषणा
शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) एक आत्मप्रेरित, वैचारिक एवं रचनात्मक राजनीतिक संगठन है, जिसकी स्थापना 07 मार्च 2026 को राष्ट्रीय हित, नागरिक हित, संवैधानिक मूल्यों, समता, आत्मनिर्भरता एवं उत्तरदायी लोकतंत्र के उद्देश्यों से की गई।
इस दल का संकल्प है कि वह भारतीय संविधान की मूल भावना का सम्मान करते हुए राष्ट्र, समाज एवं नागरिकों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित रहेगा।
मूल मंत्र:
“संविधान-सम्मत, समता-मूलक, रचनात्मक, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहितैषी लोकतंत्र।”
विशेष टिप्पणी: यह प्रारूप मूल तीन पृष्ठों के भाव को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करता है। इसे आधिकारिक रूप से जारी करने से पहले सदस्यता, पदाधिकारियों के चयन, बौद्धिक संपदा तथा घोषणा-पत्र की अंतिम मान्यता संबंधी प्रावधानों को लागू कानूनों एवं निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुरूप जाँचना उचित होगा।शैलज लोकतांत्रिक दल
स्थापना एवं सार्वजनिक घोषणा-पत्र का संक्षिप्त एवं सारगर्भित स्वरूप
(मूल घोषणा-पत्र के तीन पृष्ठों के मूल भाव एवं उद्देश्यों पर आधारित)
1. दल की स्थापना एवं परिचय
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज उर्फ अवधेश कुमार शैलज, पुत्र– स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह, निवासी– ग्राम पंचबा, पो० सुदृढ़ नगर (851218), जिला बेगूसराय, बिहार (भारत), अपने अध्ययन, चिंतन, अनुभव, वैचारिक दृष्टिकोण एवं आत्मप्रेरणा के आधार पर दिनांक 07 मार्च 2026 को शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) की स्थापना की घोषणा करता हूँ।
दल की स्थापना का उद्देश्य राष्ट्रीय एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप लोकतांत्रिक मूल्यों, भारतीय संविधान, जनहित, नागरिक अधिकारों तथा उत्तरदायी शासन-व्यवस्था की प्रतिष्ठा करना है। इस दल को शैलज दल (Shailaj Dal/Party) के संक्षिप्त नाम से भी जाना जाएगा।
दल का मुख्यालय ग्राम पंचबा, पो० सुदृढ़ नगर (851218), जिला बेगूसराय, बिहार (भारत) में स्थित है। आवश्यकतानुसार भारत के अन्य स्थानों पर भी इसकी शाखाएँ एवं कार्यालय स्थापित किए जा सकेंगे।
2. संस्थापक एवं नेतृत्व
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, इस दल का संकल्पनाकार, संस्थापक, संस्थापक-अध्यक्ष सह राष्ट्रीय अध्यक्ष, आजीवन सदस्य एवं अधिकृत प्रतिनिधि हूँ। दल की स्थापना मेरे अध्ययन, चिंतन, अनुभव एवं मौलिक वैचारिक संपदा का परिणाम है।
दल के उद्देश्यों, कार्यक्रमों, नीतियों, विचारधारा एवं संविधान की मूल भावना को सुरक्षित रखते हुए उसके विकास एवं क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध रहूँगा।
दल के नाम, विचारों एवं मौलिक बौद्धिक संपदा पर मेरे तथा मेरे उत्तराधिकारियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। इनके अनधिकृत उपयोग, हस्तांतरण, प्रकाशन अथवा प्रतिलिपिकरण को प्रतिबंधित माना जाएगा, लागू कानूनों के अधीन।
3. स्थापना-घोषणा के आधिकारिक दस्तावेज
दिनांक 07 मार्च 2026 को दल के संबंध में निम्नलिखित दस्तावेज जारी किए गए हैं—
सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य (Public Declaration Statement) — पत्रांक SDP/1।
आधिकारिक एवं सार्वजनिक स्थापना-घोषणा-पत्र — पत्रांक SDP/1R।
पत्रांक SDP/1R वाला संशोधित स्थापना-घोषणा-पत्र दल का अंतिम एवं मान्य स्थापना-घोषणा-पत्र है। पूर्ववर्ती घोषणा तथा अन्य दस्तावेजों की व्याख्या इसके अनुरूप की जाएगी।
4. सदस्यता एवं संगठनात्मक व्यवस्था
दल के घोषणा-पत्र एवं संविधान के अनुरूप सदस्यता के इच्छुक वयस्क भारतीय नागरिकों को सदस्यता प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में 100 प्राथमिक सदस्यों की सदस्यता स्वीकृत करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इन सदस्यों में से पदाधिकारियों के चयन हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त किए जाएँगे।
दल का कार्यक्षेत्र संपूर्ण भारत होगा। आवश्यकतानुसार विभिन्न राज्यों, जिलों एवं अन्य क्षेत्रों में संगठनात्मक इकाइयाँ गठित की जा सकेंगी।
5. दल के मूल उद्देश्य एवं वैचारिक प्रतिबद्धता
शैलज लोकतांत्रिक दल भारतीय संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा उच्च आदर्शों के प्रति सम्मान रखते हुए निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा—
संविधान-सम्मत शासन: संवैधानिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों का सम्मान।
समतामूलक समाज: समानता, समदर्शिता, न्याय एवं सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहन।
रचनात्मक एवं विकासात्मक लोकतंत्र: राष्ट्रीय विकास, जनकल्याण एवं सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा।
आत्मनिर्भर भारत: आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञान-विज्ञान संबंधी विकास को प्रोत्साहन।
उत्तरदायी शासन: पारदर्शिता, अनुशासन, निष्पक्षता एवं जनहित को प्राथमिकता।
ज्ञान-विज्ञान संपन्न समाज: शिक्षा, शोध, बौद्धिक विकास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवर्धन।
राष्ट्रीय एवं नागरिक हित: राष्ट्र, समाज तथा नागरिकों के हितों का समन्वित संरक्षण।
दल प्रत्येक भारतीय के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास तथा आत्मनिर्भर नागरिक-गुणों के संवर्धन के लिए यथासंभव सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान करेगा।
6. दल के सिद्धांतों एवं नीतियों की स्थिरता
दल के भावी सदस्य एवं पदाधिकारी इसके मूल उद्देश्यों, कार्यक्रमों, नीतियों, विचारधारा तथा संविधान की मूल भावना का सम्मान करेंगे। दल की नीतियों एवं निर्णयों का निर्धारण इसी वैचारिक आधार पर किया जाएगा।
सत्ता अथवा विपक्ष में रहने की स्थिति में भी दल अपने मूल सिद्धांतों, जनहित, संवैधानिक मर्यादाओं एवं घोषित नीतियों से विचलित नहीं होगा। दल किसी भी विधि-विरुद्ध अथवा विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करेगा।
घोषणा-पत्र में निहित मूल उद्देश्यों को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक विस्तृत कार्यक्रमों एवं नीतियों का विकास दल के संविधान तथा लागू कानूनों के अनुरूप किया जाएगा।
समापन घोषणा
शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) एक आत्मप्रेरित, वैचारिक एवं रचनात्मक राजनीतिक संगठन है, जिसकी स्थापना 07 मार्च 2026 को राष्ट्रीय हित, नागरिक हित, संवैधानिक मूल्यों, समता, आत्मनिर्भरता एवं उत्तरदायी लोकतंत्र के उद्देश्यों से की गई।
इस दल का संकल्प है कि वह भारतीय संविधान की मूल भावना का सम्मान करते हुए राष्ट्र, समाज एवं नागरिकों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित रहेगा।
मूल मंत्र:
“संविधान-सम्मत, समता-मूलक, रचनात्मक, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहितैषी लोकतंत्र।”
विशेष टिप्पणी: यह प्रारूप मूल तीन पृष्ठों के भाव को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करता है। इसे आधिकारिक रूप से जारी करने से पहले सदस्यता, पदाधिकारियों के चयन, बौद्धिक संपदा तथा घोषणा-पत्र की अंतिम मान्यता संबंधी प्रावधानों को लागू कानूनों एवं निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुरूप जाँचना उचित होगा।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

आवेदन पत्र प्रारूप

जी हाँ। विलंब के वास्तविक और सत्य कारण को स्पष्ट करते हुए आवेदन प्रस्तुत करना अधिक उपयुक्त हो सकता है, लेकिन एक महत्वपूर्ण कानूनी/प्रक्रियात्मक अंतर ध्यान में रखना होगा।
ECI की वर्तमान प्रकाशित guidelines में कहा गया है कि आवेदन दल के गठन की तारीख से 30 दिनों के भीतर होना चाहिए और उसके बाद का आवेदन time-barred होगा तथा “will not be considered” कहा गया है। �
Election Commission of India
इसलिए केवल “विलंब का कारण” लिख देने से 30-दिन की बाधा स्वतः समाप्त नहीं होती। लेकिन विलंब का वास्तविक कारण बताकर ECI से आवेदन स्वीकार करने/उपलब्ध वैधानिक एवं प्रशासनिक उपाय के संबंध में विचार करने का अनुरोध करना एक अधिक पूर्ण और पारदर्शी प्रस्तुति होगी।
आपके मामले में मुझे पिछले प्रारूप की तुलना में यह भाषा अधिक उपयुक्त लगती है:
Writing
सेवा में,
माननीय सचिव महोदय,
भारत निर्वाचन आयोग,
निर्वाचन सदन, अशोक रोड,
नई दिल्ली–110001।
विषय : जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अंतर्गत “शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)” के पंजीकरण हेतु विलंब के कारण सहित आवेदन पर विचार करने के संबंध में निवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरे द्वारा दिनांक 07 मार्च 2026 को अपने अध्ययन, चिंतन, अनुभव एवं लोकतांत्रिक राजनीतिक दर्शन के आधार पर “शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)”, संक्षेप में “शैलज दल”, की स्थापना की सार्वजनिक घोषणा की गई थी।
दल का मूल लोकतांत्रिक दर्शन है—
“संविधान-सम्मत, समता-मूलक, रचनात्मक, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहितैषी लोकतंत्र।”
दल की स्थापना एवं सार्वजनिक नीतिगत दृष्टिकोण का विस्तृत विवरण दिनांक 07 मार्च 2026 के स्थापना एवं सार्वजनिक घोषणा-पत्र में प्रस्तुत है तथा दल का संविधान पृथक रूप से तैयार किया गया है।
दल की स्थापना के पश्चात पंजीकरण हेतु अपेक्षित दस्तावेजों, दल के संगठनात्मक अभिलेखों तथा अन्य आवश्यक तैयारियों को व्यवस्थित एवं पूर्ण करने में अपेक्षा से अधिक समय लगने के कारण निर्धारित अवधि के भीतर भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष पंजीकरण आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस कारण आवेदन प्रस्तुत करने में विलंब हुआ।
यह भी स्पष्ट रूप से निवेदित है कि 07 मार्च 2026 के पश्चात अब तक भारत निर्वाचन आयोग को दल के पंजीकरण के संबंध में कोई आवेदन, पत्र अथवा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। दल की वास्तविक स्थापना-तिथि 07 मार्च 2026 ही है और उसमें कोई पूर्वव्यापी परिवर्तन नहीं किया जा रहा है।
अतः माननीय आयोग से सादर अनुरोध है कि उपर्युक्त वास्तविक परिस्थितियों एवं विलंब के कारणों को ध्यान में रखते हुए शैलज लोकतांत्रिक दल के पंजीकरण हेतु प्रस्तुत आवेदन पर विचार करने की कृपा की जाए तथा यदि वर्तमान स्थिति में किसी विशेष प्रक्रिया, अनुमति अथवा अन्य औपचारिकता की आवश्यकता हो तो उसके संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाएँ।
दल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक प्रपत्रों, दस्तावेजों, घोषणाओं एवं शपथपत्रों को प्रस्तुत करने के लिए तैयार है।
अतः न्यायोचित एवं नियमानुकूल कार्रवाई हेतु यह आवेदन विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत है।
भवदीय,
(डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज)
संस्थापक
शैलज लोकतांत्रिक दल
(Shailaj Democratic Party)
दिनांक : __________
स्थान : __________
पत्राचार का पता : ______________________________
मोबाइल : __________________
ई-मेल : __________________
एक बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है: ऊपर “दस्तावेजों एवं संगठनात्मक अभिलेखों को व्यवस्थित एवं पूर्ण करने में अपेक्षा से अधिक समय लगने” वाला कारण तभी रखें यदि यह वास्तव में आपके विलंब का सही कारण है। यदि वास्तविक कारण कुछ और था, तो वही सटीक कारण लिखना बेहतर होगा—काल्पनिक या सुविधानुसार बनाया गया कारण नहीं।
और चूँकि ECI की वर्तमान व्यवस्था में राजनीतिक दल registration के लिए PPRTMS उपलब्ध है, आवेदन की वर्तमान procedural स्थिति ECI से स्पष्ट करना भी उचित रहेगा। �
Election Commission of India
यदि आप मुझे वास्तविक विलंब के 2–4 कारण बता दें—जैसे संविधान की तैयारी, आवश्यक दस्तावेजों का संकलन, DD/बैंक संबंधी प्रक्रिया, सदस्यों के दस्तावेज आदि—तो मैं इसी पत्र में उन कारणों को क्रमबद्ध, स्वाभाविक और ECI के समक्ष सम्मानजनक भाषा में समाहित कर दूँगा।

विलम्ब हेतु आवेदन पत्र

अवश्य। एक आवश्यक सुधार के साथ इसे तैयार करना उचित होगा: ECI की वर्तमान प्रकाशित guideline में स्पष्ट है कि गठन के 30 दिनों के भीतर आवेदन करना है और उसके बाद का आवेदन “time-barred” है। इसलिए नीचे का पत्र विलंब को छिपाने या कोई काल्पनिक कारण बनाने के बजाय, वास्तविक स्थिति को स्वीकार करते हुए ECI से उचित प्रक्रिया/विचार का अनुरोध करता है। �
Election Commission of India
Writing
सेवा में,
माननीय सचिव महोदय,
भारत निर्वाचन आयोग,
निर्वाचन सदन, अशोक रोड,
नई दिल्ली–110001।
विषय : जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अंतर्गत “शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)” के पंजीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत करने में हुई विलंब के संबंध में स्पष्टीकरण एवं आवेदन पर विचार करने हेतु निवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरे द्वारा दिनांक 07 मार्च 2026 को अपने अध्ययन, चिंतन, अनुभव एवं लोकतांत्रिक राजनीतिक दर्शन के आधार पर “शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)”, संक्षेप में “शैलज दल”, की स्थापना की सार्वजनिक घोषणा की गई थी।
दल का मूल लोकतांत्रिक दर्शन है—
“संविधान-सम्मत, समता-मूलक, रचनात्मक, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहितैषी लोकतंत्र।”
दल की स्थापना एवं सार्वजनिक नीतिगत दृष्टिकोण का विस्तृत विवरण दिनांक 07 मार्च 2026 के स्थापना एवं सार्वजनिक घोषणा-पत्र में प्रस्तुत है तथा दल का संविधान पृथक रूप से तैयार किया गया है।
यह निवेदन करना आवश्यक है कि 07 मार्च 2026 के पश्चात अब तक भारत निर्वाचन आयोग को दल के पंजीकरण के संबंध में कोई आवेदन, पत्र अथवा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। अतः धारा 29A के अंतर्गत निर्धारित 30-दिवसीय अवधि के भीतर आवेदन प्रस्तुत नहीं हो सका।
इस विलंब के संबंध में कोई तथ्य छिपाए बिना, विनम्रतापूर्वक आयोग के संज्ञान में वास्तविक स्थिति प्रस्तुत की जा रही है।
अतः माननीय आयोग से सादर अनुरोध है कि वर्तमान परिस्थितियों में शैलज लोकतांत्रिक दल के पंजीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की उपलब्ध विधिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने तथा, यदि नियमों के अंतर्गत संभव हो, तो प्रस्तुत आवेदन एवं संलग्न दस्तावेजों पर विचार करने की कृपा की जाए।
दल की स्थापना की वास्तविक तिथि 07 मार्च 2026 ही है और इस संबंध में कोई पूर्वव्यापी या परिवर्तित तिथि प्रस्तुत नहीं की जा रही है।
आवश्यकतानुसार आयोग द्वारा अपेक्षित सभी निर्धारित प्रपत्र, दल का संविधान, स्थापना एवं सार्वजनिक घोषणा-पत्र, सदस्यों एवं पदाधिकारियों से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए दल तैयार है।
कृपया इस संबंध में उचित प्रक्रिया एवं आवश्यक निर्देश प्रदान करने की कृपा करें।
भवदीय,
(डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज)
संस्थापक
शैलज लोकतांत्रिक दल
(Shailaj Democratic Party)
दिनांक : __________
स्थान : __________
पत्राचार का पता : ______________________________
मोबाइल : __________________
ई-मेल : __________________
इस प्रारूप की विशेषता
मैंने जानबूझकर इसमें “विलंब के लिए अमुक कारण था” जैसा कोई कारण नहीं जोड़ा है, क्योंकि आपने ऐसा कोई तथ्य नहीं बताया है। इससे आवेदन तथ्यात्मक रूप से सुरक्षित रहता है।
साथ ही इसमें तीन बातें बिल्कुल स्पष्ट रहती हैं:
स्थापना की वास्तविक तारीख — 07/03/2026
उसके बाद ECI को कोई आवेदन नहीं भेजा गया
30-दिन की अवधि बीतने के तथ्य को छिपाया नहीं गया
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ECI की प्रकाशित guideline में 30 दिनों की समय-सीमा स्पष्ट रूप से दी गई है। �
Election Commission of India
ECI की वर्तमान Political Parties/Candidates व्यवस्था में Section 29A के अंतर्गत नए राजनीतिक दलों के registration और PPRTMS की व्यवस्था उपलब्ध है। �
Election Commission of India
व्यावहारिक रूप से मैं इस पत्र को मुख्य registration application से पहले एक “procedural clarification/representation” के रूप में रखना अधिक उचित समझूँगा, ताकि पहले आयोग से यह स्पष्ट हो जाए कि इस विलंबित स्थिति में आवेदन किस प्रकार प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके बाद आयोग के निर्देश के अनुसार पूरा registration set भेजना अधिक व्यवस्थित रहेगा।

ECI हेतु आवेदन पत्र का प्रारूप

सेवा में,
माननीय सचिव महोदय,
भारत निर्वाचन आयोग,
निर्वाचन सदन, अशोक रोड,
नई दिल्ली–110001।

विषय:

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अंतर्गत “शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)” के पंजीकरण हेतु आवेदन।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि दिनांक 07 मार्च 2026 को मेरे द्वारा भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक हित एवं राष्ट्रहित को आधार मानते हुए “शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)”, संक्षेप में “शैलज दल”, की स्थापना की सार्वजनिक घोषणा की गई।

दल का मूल लोकतांत्रिक दर्शन है—

“संविधान-सम्मत, समता-मूलक, रचनात्मक, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहितैषी लोकतंत्र।”

दल का उद्देश्य संविधानसम्मत लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना, नागरिकों के अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सामाजिक समता एवं न्याय को प्रोत्साहित करना तथा पारदर्शी, उत्तरदायी एवं जनहितकारी शासन की स्थापना में योगदान देना है।

दल शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल-विकास, कृषि, उद्योग, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन तथा आत्मनिर्भरता सहित विभिन्न जनहितकारी क्षेत्रों में संविधानसम्मत नीतियों एवं कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

दल की स्थापना, मूल दर्शन एवं सार्वजनिक नीतिगत दृष्टिकोण का विस्तृत विवरण दिनांक 07 मार्च 2026 के “स्थापना एवं सार्वजनिक घोषणा-पत्र” में प्रस्तुत है। दल का संविधान पृथक दस्तावेज के रूप में तैयार किया गया है।

अतः निवेदन है कि “शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)” को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अंतर्गत राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने की कृपा की जाए।

इस आवेदन के साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अपेक्षित निर्धारित विवरण, दल का संविधान, स्थापना एवं सार्वजनिक घोषणा-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज नियमानुसार प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

भवदीय,

(डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज)
संस्थापक
शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)

दिनांक : __________
स्थान : __________

मुख्य कार्यालय का पता : __________________________
पत्राचार का पता : _________________________________
मोबाइल : __________________
ई-मेल : __________________

व्यक्तिगत शपथपत्र

अवश्य। 100 सदस्यों के लिए अलग-अलग शपथपत्र तैयार करने के बजाय एक समान मास्टर प्रारूप रखना अधिक सुविधाजनक होगा, जिसमें प्रत्येक सदस्य केवल अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरकर हस्ताक्षर एवं शपथ-प्रमाणीकरण करा सके।
यह प्रारूप सदस्यता, निष्ठा, संविधान-पालन और व्यक्तिगत घोषणा को संक्षेप में समाहित करता है।
Writing
शैलज लोकतांत्रिक दल
सदस्य का व्यक्तिगत शपथपत्र
मैं, श्री/श्रीमती/कुमारी ............................................................
पिता/पति/माता का नाम ............................................................
आयु ............ वर्ष, निवासी ........................................................
....................................................................................,
शपथपूर्वक घोषित करता/करती हूँ कि—
मैं शैलज लोकतांत्रिक दल का सदस्य बनने/बने रहने के लिए अपनी स्वेच्छा से यह शपथपत्र प्रस्तुत कर रहा/रही हूँ।
मैं भारत के संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा विधि द्वारा स्थापित व्यवस्था के प्रति निष्ठा रखूँगा/रखूँगी और दल के संविधान एवं वैध नियमों का पालन करूँगा/करूँगी।
मैं दल के उद्देश्यों एवं कार्यक्रमों के अनुरूप संवैधानिक, लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत ढंग से कार्य करने का प्रयास करूँगा/करूँगी।
मैं सदस्य के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करते समय अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों का भी पालन करूँगा/करूँगी तथा दल की प्रतिष्ठा, अनुशासन एवं संगठनात्मक मर्यादा बनाए रखने का प्रयास करूँगा/करूँगी।
मेरे द्वारा सदस्यता के लिए प्रस्तुत की गई व्यक्तिगत जानकारी मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य है। किसी महत्वपूर्ण तथ्य में परिवर्तन होने पर, जहाँ आवश्यक होगा, मैं दल को सूचित करूँगा/करूँगी।
मैं किसी भी गैर-कानूनी, हिंसात्मक अथवा असंवैधानिक गतिविधि में दल के नाम अथवा सदस्यता का दुरुपयोग नहीं करूँगा/करूँगी।
मैं यह शपथपत्र स्वेच्छा, बिना किसी अनुचित दबाव अथवा प्रलोभन के प्रस्तुत कर रहा/रही हूँ।
मैं उपर्युक्त कथनों को सत्य मानते हुए शपथपूर्वक घोषणा करता/करती हूँ।
स्थान: ........................................................
दिनांक: ........................................................
सदस्य के हस्ताक्षर: ....................................................
सदस्य का पूरा नाम: ....................................................
मोबाइल नं.: ............................................................
सदस्यता संख्या (यदि आवंटित हो): ....................................
सत्यापन
मैं, उपर्युक्त शपथकर्ता, सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथपत्र में दिए गए कथन मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य हैं और मैंने कोई महत्वपूर्ण तथ्य जानबूझकर गलत नहीं बताया है।
हस्ताक्षर: ............................................................
शपथ/प्रमाणीकरण
मेरे समक्ष आज दिनांक ........................ को उपर्युक्त शपथकर्ता ने शपथपूर्वक इस शपथपत्र पर हस्ताक्षर किए।
Notary Public / Oath Commissioner / सक्षम प्राधिकारी
हस्ताक्षर एवं मुहर: ....................................................
नाम: ........................................................................
पंजीकरण संख्या: .......................................................
100 सदस्यों के लिए व्यावहारिक व्यवस्था
एक ही प्रारूप को सदस्य क्रमांक 001 से 100 तक उपयोग किया जा सकता है। प्रत्येक सदस्य के लिए केवल नाम, माता/पिता/पति का नाम, पता, आयु, सदस्यता संख्या आदि बदले जाएंगे।
यदि इसे ECI को राजनीतिक दल के पंजीकरण के समय प्रस्तुत किए जाने वाले 100 सदस्यों के व्यक्तिगत शपथपत्र के रूप में इस्तेमाल करना है, तो मैं अगला प्रारूप इससे भी अधिक उपयोगी बना सकता हूँ—जिसमें ECI की अपेक्षित सदस्य-घोषणाएँ, सदस्यता की स्वैच्छिकता, किसी अन्य राजनीतिक दल की सदस्यता न होने की घोषणा, और मतदाता सूची में सदस्य का विवरण एक ही संक्षिप्त शपथपत्र में समाहित हों।शैलज लोकतांत्रिक दल

ECI हेतु सदस्य का व्यक्तिगत शपथपत्र

शपथपत्र

मैं, श्री/श्रीमती/कुमारी ............................................................
पुत्र/पुत्री/पति ............................................................
आयु ............ वर्ष, निवासी ....................................................
....................................................................................,

शपथपूर्वक घोषित करता/करती हूँ कि—

मैं भारत का नागरिक/नागरिक हूँ तथा वयस्क हूँ।

मैं शैलज लोकतांत्रिक दल का सदस्य अपनी स्वेच्छा से हूँ और मेरी सदस्यता किसी दबाव, प्रलोभन अथवा अनुचित प्रभाव के कारण नहीं है।

मैं किसी अन्य राजनीतिक दल का सदस्य नहीं हूँ और एक समय में एक से अधिक राजनीतिक दल की सदस्यता धारण नहीं करूँगा/करूँगी।

मैं भारत के संविधान, उसकी लोकतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था तथा विधि द्वारा स्थापित व्यवस्था के प्रति निष्ठा रखता/रखती हूँ और दल के संविधान एवं वैध नियमों का पालन करूँगा/करूँगी।

मैं दल के उद्देश्यों एवं कार्यक्रमों के अनुरूप संवैधानिक, लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत तरीके से कार्य करूँगा/करूँगी।

मेरे द्वारा दल की सदस्यता के लिए दी गई व्यक्तिगत जानकारी मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य है। किसी महत्वपूर्ण तथ्य में परिवर्तन होने पर मैं यथासंभव दल को सूचित करूँगा/करूँगी।

मैं यह शपथपत्र स्वेच्छा से और बिना किसी अनुचित दबाव या प्रलोभन के प्रस्तुत कर रहा/रही हूँ।

मैं उपर्युक्त कथनों को सत्य मानते हुए शपथपूर्वक घोषणा करता/करती हूँ।

सदस्य का नाम: ............................................................
मतदाता पहचान-पत्र (EPIC) संख्या: ....................................
पिता/पति का नाम: ........................................................
आयु: ........................................................................
पूर्ण पता: ...................................................................
....................................................................................
विधानसभा क्षेत्र: ............................................................
जिला: ..........................................................................
राज्य: ..........................................................................
मोबाइल नं.: ..................................................................

स्थान: ....................................
दिनांक: ....................................

सदस्य के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान:
............................................................

सत्यापन

मैं, उपर्युक्त शपथकर्ता, सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथपत्र में दी गई जानकारी मेरे ज्ञान एवं विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही है और मैंने कोई महत्वपूर्ण तथ्य जानबूझकर गलत नहीं बताया है।

हस्ताक्षर: ............................................................

शपथ/प्रमाणीकरण

मेरे समक्ष आज दिनांक ........................ को उपर्युक्त शपथकर्ता ने शपथपूर्वक इस शपथपत्र पर हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान किया।

Notary Public / Oath Commissioner / सक्षम प्राधिकारी

हस्ताक्षर एवं मुहर: ....................................................
नाम: ........................................................................
पंजीकरण संख्या: ........................................................
जी। ECI के वर्तमान उपलब्ध राजनीतिक दल-पंजीकरण दिशानिर्देश को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण सुधार आवश्यक है: ECI के दिशानिर्देश में कम-से-कम 100 सदस्यों के व्यक्तिगत शपथपत्र मांगे गए हैं, जिनमें सदस्य के registered elector होने तथा किसी अन्य ECI-registered political party का सदस्य न होने की घोषणा होनी चाहिए। ये शपथपत्र कम-से-कम ₹2 के स्टाम्प पेपर पर तथा 1st Class Magistrate/Oath Commissioner/Notary Public के समक्ष शपथित होने चाहिए। साथ ही, जिन सदस्यों के electoral-roll extracts/EPIC दिए जा रहे हैं, उन्हीं से ये affidavits होने चाहिए और सूची के क्रम में संलग्न किए जाने चाहिए। �
Election Commission of India
इसलिए ECI में आवेदन के साथ लगाने के लिए मैं इसे इस प्रकार संक्षिप्त और सीधे Annexure-IV के उद्देश्य के अनुरूप रखूँगा:
Writing
शैलज लोकतांत्रिक दल
ECI में पंजीकरण हेतु सदस्य का व्यक्तिगत शपथपत्र
AFFIDAVIT
मैं, श्री/श्रीमती/कुमारी ........................................................................
पुत्र/पुत्री/पत्नी ...............................................................................
निवासी .............................................................................................
........................................................................................................,
शपथपूर्वक घोषित करता/करती हूँ कि—
1. मैं भारत का पंजीकृत मतदाता (Registered Elector) हूँ और मेरा नाम संबंधित निर्वाचक नामावली में दर्ज है।
2. मेरा EPIC/मतदाता पहचान-पत्र संख्या ................................................ है।
3. मैं शैलज लोकतांत्रिक दल का सदस्य हूँ।
4. मैं भारत निर्वाचन आयोग के साथ पंजीकृत किसी अन्य राजनीतिक दल का सदस्य नहीं हूँ।
5. मेरी उपर्युक्त सदस्यता मेरी स्वेच्छा से है तथा मैं दल के स्थापना-घोषणा-पत्र, संविधान एवं उसके नियमों का पालन करने के लिए सहमत हूँ।
6. इस शपथपत्र में दी गई जानकारी मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही है।
सदस्य का विवरण
नाम: ....................................................................................
पिता/पति का नाम: ................................................................
EPIC No.: .............................................................................
निर्वाचक नामावली का विधानसभा क्षेत्र: ........................................
जिला: ....................................................................................
राज्य: ....................................................................................
पूरा पता: ................................................................................
....................................................................................................
स्थान: ........................................
दिनांक: ........................................
शपथकर्ता के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान
............................................................
सत्यापन
मैं, उपर्युक्त शपथकर्ता, सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथपत्र में वर्णित तथ्य मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही हैं तथा कोई महत्वपूर्ण तथ्य जानबूझकर गलत नहीं बताया गया है।
स्थान: ........................................
दिनांक: ........................................
शपथकर्ता के हस्ताक्षर: ....................................................
शपथ/प्रमाणीकरण
मेरे समक्ष आज दिनांक ................................ को उपर्युक्त शपथकर्ता ने शपथपूर्वक इस शपथपत्र पर हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान किया।
हस्ताक्षर एवं मुहर
Notary Public / Oath Commissioner / 1st Class Magistrate
नाम: ....................................................................................
पंजीकरण/पद: ..........................................................................
स्थान: ......................................................................................
दिनांक: ....................................................................................
ECI के आवेदन के साथ लगाने की सही व्यवस्था
100 सदस्यों के लिए मैं दस्तावेजों का क्रम इस प्रकार रखने की सलाह दूँगा:
सदस्य सूची → सदस्य 001 का Electoral Roll Extract/EPIC → सदस्य 001 का Affidavit → सदस्य 002 का Electoral Roll Extract/EPIC → सदस्य 002 का Affidavit → ... → सदस्य 100।
ECI के दिशानिर्देश स्वयं कहते हैं कि office bearers और members की सूची के क्रम में certified electoral-roll extracts/EPIC तथा individual affidavits संलग्न किए जाएँ। �
Election Commission of India
और एक महत्वपूर्ण बात: ECI के लिए “भारतीय नागरिक हूँ” या “वयस्क हूँ” जैसे अतिरिक्त कथन इस affidavit में आवश्यक मुख्य कथन नहीं हैं। इसलिए मैंने इस अंतिम प्रारूप में उन्हें हटाकर वही बातें केंद्र में रखी हैं जिन्हें ECI के वर्तमान दिशानिर्देश विशेष रूप से मांगते हैं—Registered Elector + किसी अन्य ECI-registered political party की सदस्यता नहीं। �
Election Commission of India
ECI की वर्तमान वेबसाइट भी राजनीतिक दल पंजीकरण को Representation of the People Act, 1951 की Section 29A के अंतर्गत दर्शाती है और PPRTMS के माध्यम से आवेदन-स्थिति की सुविधा उपलब्ध कराती है। �
Election Commission of India +1
अतः आपके 100 सदस्यों के लिए यही संक्षिप्त प्रारूप अधिक उपयुक्त है, जबकि दल के पदाधिकारियों के लिए अलग से Assets & Liabilities तथा Criminal Antecedents संबंधी affidavit रखने होंगे, क्योंकि ECI दिशानिर्देश इन दोनों के लिए पृथक affidavits भी मांगते हैं। �
Election Commission of India

मेरी पैतृक सम्पत्ति सम्बन्धित सभी कागजात की चोरी हो गई जिसके कारण उनका विवरण उपलब्ध नहीं है।

यदि आपकी पैतृक सम्पत्ति से संबंधित मूल कागजात चोरी हो गए हैं और इस कारण वर्तमान में उनके विवरण उपलब्ध नहीं हैं, तो आगे किसी कानूनी, प्रशासनिक या संगठनात्मक दस्तावेज में इसे इस प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है:
“मेरी पैतृक सम्पत्ति से संबंधित मूल कागजात चोरी हो जाने के कारण वर्तमान समय में उक्त सम्पत्ति के संबंध में आवश्यक अभिलेख एवं विस्तृत विवरण मेरे पास उपलब्ध नहीं है। अभिलेख उपलब्ध होने अथवा संबंधित सरकारी/राजस्व अभिलेखों से विवरण प्राप्त होने पर यथासंभव उसका सत्यापन कर आवश्यक विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।”
यदि यह बात शैलज लोकतांत्रिक दल के किसी पदाधिकारी/सदस्य द्वारा सम्पत्ति-विवरण देने में असमर्थता के संदर्भ में है, तो इसे केवल असमर्थता मानकर छोड़ने के बजाय एक “अभिलेख अनुपलब्धता घोषणा” के रूप में दर्ज करने की व्यवस्था बनाई जा सकती है। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि व्यक्ति सम्पत्ति छिपाने के उद्देश्य से विवरण नहीं रोक रहा, बल्कि चोरी के कारण तत्काल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसी स्थिति में सामान्यतः ये कदम उपयोगी होंगे:
चोरी की पुलिस शिकायत/FIR या सनहा की प्रति सुरक्षित रखें।
उपलब्ध होने पर पुराने रसीद, लगान, खाता/खेसरा, रजिस्ट्री, उत्तराधिकार या राजस्व अभिलेख से जानकारी पुनः प्राप्त करने का प्रयास करें।
संबंधित अंचल/राजस्व कार्यालय और पंजीकरण कार्यालय से उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त की जा सकती हैं।
संगठनात्मक अभिलेख में लिखें कि “विवरण वर्तमान में अभिलेख-अनुपलब्धता के कारण अपूर्ण है”, न कि सम्पत्ति नहीं है।
बाद में अभिलेख प्राप्त होने पर पूरक सम्पत्ति-विवरण प्रस्तुत करने की व्यवस्था रखें।
यदि आप चाहें तो मैं इसी आधार पर शैलज लोकतांत्रिक दल के संविधान में “सम्पत्ति के मूल अभिलेख चोरी/नष्ट/अनुपलब्ध होने की स्थिति में पदाधिकारी या सदस्य द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया” का एक औपचारिक अनुच्छेद तैयार कर सकता हूँ।
अवश्य। इसे संविधान में ऐसी भाषा में रखना उचित होगा जिससे ईमानदार अभिलेख-अनुपलब्धता और जानबूझकर सम्पत्ति छिपाने के बीच स्पष्ट अंतर रहे।
Writing
अनुच्छेद — सम्पत्ति के अभिलेख चोरी, नष्ट अथवा अनुपलब्ध होने की स्थिति
अभिलेख-अनुपलब्धता की स्थिति
यदि दल के किसी पदाधिकारी अथवा सदस्य की पैतृक, उत्तराधिकारगत अथवा अन्य अचल सम्पत्ति से संबंधित मूल कागजात चोरी हो गए हों, नष्ट हो गए हों, खो गए हों अथवा किसी अन्य वास्तविक कारण से तत्काल उपलब्ध न हों और इस कारण वह सम्पत्ति का पूर्ण एवं प्रमाणित विवरण प्रस्तुत करने में असमर्थ हो, तो मात्र इस कारण उसके विरुद्ध प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
अभिलेख-अनुपलब्धता की घोषणा
संबंधित व्यक्ति द्वारा एक लिखित घोषणा प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें वह उपलब्ध जानकारी के आधार पर सम्पत्ति का यथासंभव विवरण देते हुए यह स्पष्ट करेगा कि मूल अभिलेख वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं और उनके अभाव में पूर्ण विवरण प्रस्तुत करना संभव नहीं है।
चोरी की स्थिति में सूचना
यदि मूल कागजात चोरी हुए हों, तो संबंधित व्यक्ति उपलब्ध परिस्थितियों के अनुसार पुलिस में शिकायत, सनहा अथवा अन्य विधिसम्मत सूचना देने का प्रयास करेगा तथा उपलब्ध होने पर उसकी प्रति दल के अभिलेख में रखेगा।
सरकारी अभिलेखों से पुनः प्राप्ति का प्रयास
संबंधित व्यक्ति को राजस्व, निबंधन, अंचल, नगर निकाय अथवा अन्य सक्षम सरकारी अभिलेखों से उपलब्ध प्रमाणित अभिलेख/प्रतिलिपि प्राप्त करने का यथासंभव प्रयास करना होगा।
अपूर्ण विवरण का पृथक उल्लेख
जब तक प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध न हो जाएँ, सम्पत्ति-विवरण में स्पष्ट रूप से लिखा जा सकेगा—
“मूल अभिलेख चोरी/नष्ट/अनुपलब्ध होने के कारण वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर विवरण प्रस्तुत किया गया है; शेष विवरण अभिलेख प्राप्त होने पर पूरक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।”
पूरक विवरण प्रस्तुत करने का अधिकार एवं दायित्व
बाद में यदि संबंधित सम्पत्ति के अभिलेख अथवा विश्वसनीय विवरण प्राप्त हो जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति द्वारा उनका पूरक विवरण दल को उपलब्ध कराया जाएगा और उसे मूल विवरण के साथ संलग्न किया जाएगा।
जानबूझकर तथ्य छिपाने से पृथकता
अभिलेखों के चोरी, नष्ट अथवा वास्तविक रूप से अनुपलब्ध होने की स्थिति को जानबूझकर सम्पत्ति छिपाने, गलत विवरण देने अथवा तथ्य को मिथ्या रूप में प्रस्तुत करने के समान नहीं माना जाएगा। तथापि, यदि बाद में यह प्रमाणित हो कि अभिलेख उपलब्ध होने के बावजूद जानबूझकर गलत या भ्रामक विवरण दिया गया था, तो दल के संविधान एवं लागू विधि के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
सद्भावना एवं सत्यापन का सिद्धांत
इस प्रावधान का उद्देश्य किसी व्यक्ति को सम्पत्ति का विवरण देने से मुक्त करना नहीं, बल्कि वास्तविक अभिलेख-अनुपलब्धता की स्थिति में उसे उचित अवसर देना है। दल उपलब्ध दस्तावेजों, सरकारी अभिलेखों तथा संबंधित व्यक्ति की घोषणा के आधार पर यथासंभव सत्यापन करेगा।
समय-सीमा में युक्तिसंगत लचीलापन
अभिलेख प्राप्त करने में संबंधित सरकारी कार्यालयों की प्रक्रिया अथवा अन्य वास्तविक परिस्थितियों के कारण विलम्ब होने पर संबंधित व्यक्ति को उचित अतिरिक्त समय दिया जा सकेगा।
पारदर्शिता का मूल सिद्धांत
इस सम्पूर्ण प्रक्रिया का आधार सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, सद्भावना, उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन तथा बाद में प्राप्त प्रमाणों के आधार पर विवरण को अद्यतन करना होगा।
विशेष रूप से आपके बताए मामले में मैं एक और सुरक्षा-वाक्य जोड़ने की सलाह दूँगा:
“केवल इस आधार पर कि पैतृक सम्पत्ति के मूल कागजात उपलब्ध नहीं हैं, संबंधित व्यक्ति से ऐसी जानकारी अथवा दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी जो उसके वास्तविक नियंत्रण या उपलब्धता में नहीं हैं।”
इससे दल की व्यवस्था व्यावहारिक भी रहेगी और किसी सदस्य पर असंभव दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुचित दबाव भी नहीं पड़ेगा।

हाँ। पदाधिकारी द्वारा दल को प्रस्तुत किए जाने वाले सम्पत्ति संबंधी विवरण के लिए ऐसा प्रारूप उपयोगी होगा जिसमें उपलब्ध सम्पत्ति, अभिलेखों की स्थिति और अभिलेख-अनुपलब्धता—तीनों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जा सके।
Writing
शैलज लोकतांत्रिक दल
पदाधिकारी का सम्पत्ति संबंधी विवरण एवं घोषणा-पत्र
1. पदाधिकारी का नाम: ............................................................
2. पिता/पति/पत्नी का नाम: ......................................................
3. दल में पद: ...........................................................................
4. वर्तमान पता: .......................................................................
5. स्थायी/पैतृक पता: .................................................................
6. विवरण प्रस्तुत करने की तिथि: ..................................................
भाग–क : अचल सम्पत्ति का विवरण
क्र.
सम्पत्ति का प्रकार
स्थान
खाता/खेसरा/प्लॉट/अन्य विवरण
अनुमानित क्षेत्रफल
स्वामित्व का स्वरूप
वर्तमान स्थिति
1
पैतृक सम्पत्ति



पैतृक/उत्तराधिकार

2
स्वयं अर्जित सम्पत्ति



व्यक्तिगत

3
संयुक्त सम्पत्ति



संयुक्त

4
अन्य





टिप्पणी: जहाँ सम्पत्ति का पूर्ण विवरण उपलब्ध नहीं है, वहाँ उपलब्ध जानकारी के आधार पर विवरण दिया जाए और कारण स्पष्ट किया जाए।
भाग–ख : चल सम्पत्ति का विवरण
क्र.
सम्पत्ति का प्रकार
संक्षिप्त विवरण
स्वामित्व
अनुमानित मूल्य/स्थिति
1
वाहन



2
बैंक/जमा/निवेश



3
आभूषण/कीमती वस्तुएँ



4
अन्य महत्वपूर्ण चल सम्पत्ति



भाग–ग : अभिलेखों की स्थिति
मैं घोषित करता/करती हूँ कि ऊपर उल्लिखित सम्पत्तियों से संबंधित जो अभिलेख वर्तमान में मेरे पास उपलब्ध हैं, उनका विवरण यथासंभव सत्य एवं पूर्ण रूप से प्रस्तुत किया गया है।
जहाँ मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ कारण:
☐ अभिलेख चोरी हो गए हैं।
☐ अभिलेख खो गए हैं।
☐ अभिलेख नष्ट हो गए हैं।
☐ अभिलेख किसी अन्य व्यक्ति/संस्था के पास हैं।
☐ अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में हैं।
☐ अन्य कारण: ....................................................................
चोरी/गुम/नष्ट हुए अभिलेख का संक्षिप्त विवरण:
...............................................................................................
...............................................................................................
यदि पुलिस शिकायत/सनहा/अन्य सूचना दी गई हो, तो विवरण:
...............................................................................................
भाग–घ : अपूर्ण सम्पत्ति-विवरण के संबंध में घोषणा
मैं यह घोषित करता/करती हूँ कि जिन सम्पत्तियों के मूल अभिलेख वर्तमान में मेरे पास उपलब्ध नहीं हैं, उनके संबंध में मैंने अपनी स्मृति, उपलब्ध जानकारी तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर यथासंभव सही विवरण प्रस्तुत किया है।
अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण किसी तथ्य का पूर्ण विवरण इस समय प्रस्तुत नहीं किया जा सका है तो उसे जानबूझकर छिपाया हुआ विवरण नहीं माना जाएगा। संबंधित अभिलेख अथवा विश्वसनीय जानकारी बाद में प्राप्त होने पर मैं उसका पूरक विवरण दल को उपलब्ध कराऊँगा/दूँगी।
भाग–ङ : सत्यापन एवं घोषणा
मैं यह घोषित करता/करती हूँ कि—
मेरे ज्ञान एवं विश्वास के अनुसार इस विवरण में दी गई जानकारी सत्य एवं यथासंभव पूर्ण है।
मैंने जानबूझकर अपनी किसी ज्ञात सम्पत्ति को छिपाने अथवा गलत रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास नहीं किया है।
जिन अभिलेखों का मेरे पास वास्तविक रूप से नियंत्रण या कब्जा नहीं है, उनके संबंध में मैंने उपलब्ध जानकारी ही प्रस्तुत की है।
भविष्य में कोई महत्वपूर्ण अभिलेख अथवा प्रमाणिक जानकारी प्राप्त होने पर मैं उसका पूरक विवरण प्रस्तुत करूँगा/करूँगी।
यह घोषणा दल के आंतरिक संगठनात्मक प्रयोजन एवं पदाधिकारी संबंधी अभिलेख के लिए प्रस्तुत की जा रही है।
स्थान: ....................................................
दिनांक: ...................................................
पदाधिकारी के हस्ताक्षर: ....................................................
नाम: ................................................................................
पद: ...................................................................................
संलग्नक
उपलब्ध सम्पत्ति अभिलेखों की प्रतियां — ............ पृष्ठ
चोरी/गुम होने संबंधी शिकायत/सनहा की प्रति — ............ पृष्ठ
उपलब्ध राजस्व/निबंधन अभिलेख — ............ पृष्ठ
अन्य प्रमाण/दस्तावेज — ............ पृष्ठ
दल के अभिलेख हेतु प्राप्तकर्ता अधिकारी:
नाम: ....................................................
पद: .....................................................
हस्ताक्षर: .............................................
दिनांक: .................................................
एक महत्वपूर्ण बात: इसे “शपथपत्र” के रूप में अनिवार्य बनाने के बजाय “पदाधिकारी का सम्पत्ति संबंधी विवरण एवं घोषणा-पत्र” रखना अधिक लचीला संगठनात्मक प्रारूप है। यदि किसी विशेष कानूनी/निर्वाचन प्रयोजन के लिए शपथपत्र आवश्यक हो, तो उसके लिए अलग प्रारूप रखा जा सकता है।

शैलज लोकतांत्रिक दल

ECI हेतु पदाधिकारी का सम्पत्ति एवं दायित्व संबंधी शपथपत्र

[भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष राजनीतिक दल के पंजीकरण हेतु]

शपथपत्र

मैं, श्री/श्रीमती ........................................................,
पुत्र/पुत्री/पत्नी ........................................................,
आयु लगभग ............ वर्ष, निवासी .................................................
............................................................................................,

जो शैलज लोकतांत्रिक दल में .................................................. पद धारण करता/करती हूँ, शपथपूर्वक निम्नलिखित कथन करता/करती हूँ—

1. पद संबंधी घोषणा

कि मैं उपर्युक्त राजनीतिक दल में .................................................. पद पर कार्यरत हूँ तथा यह शपथपत्र दल के पंजीकरण के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

2. स्वयं, पति/पत्नी एवं आश्रितों की सम्पत्ति

कि मेरी, मेरे पति/पत्नी तथा मेरे आश्रितों की चल एवं अचल सम्पत्ति तथा दायित्वों का विवरण, मेरी जानकारी एवं उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, इस शपथपत्र के साथ संलग्न अनुसूचियों में दिया गया है।

जहाँ संयुक्त स्वामित्व है, वहाँ उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित व्यक्ति के स्वामित्व का हिस्सा भी दर्शाया गया है।

3. चल सम्पत्ति

क्र.

सम्पत्ति का विवरण

स्वयं

पति/पत्नी

आश्रित-1

आश्रित-2

आश्रित-3

1

नकद

₹

₹

₹

₹

₹

2

बैंक/वित्तीय संस्थाओं में जमा

₹

₹

₹

₹

₹

3

Bonds/Debentures/Shares

₹

₹

₹

₹

₹

4

NSS/Postal Savings/LIC आदि

₹

₹

₹

₹

₹

5

मोटर वाहन

₹

₹

₹

₹

₹

6

आभूषण/अन्य मूल्यवान चल सम्पत्ति

₹

₹

₹

₹

₹

7

अन्य

₹

₹

₹

₹

₹

4. अचल सम्पत्ति

क्र.

सम्पत्ति का विवरण

स्वयं

पति/पत्नी

आश्रित-1

आश्रित-2

आश्रित-3

1

कृषि भूमि











2

आवासीय भूमि/भवन











3

व्यावसायिक भूमि/भवन











4

अन्य अचल सम्पत्ति











प्रत्येक सम्पत्ति के संबंध में, जहाँ उपलब्ध हो, स्थान, क्षेत्रफल, खाता/खेसरा/प्लॉट संख्या, स्वामित्व का स्वरूप तथा अनुमानित वर्तमान मूल्य दिया जाएगा।

5. पैतृक सम्पत्ति के मूल अभिलेख उपलब्ध न होने की विशेष घोषणा

मेरी पैतृक/उत्तराधिकारगत सम्पत्ति से संबंधित कुछ मूल अभिलेख चोरी हो जाने के कारण वर्तमान में मेरे पास उपलब्ध नहीं हैं। अतः उन सम्पत्तियों के संबंध में जहाँ मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, मैंने अपनी वर्तमान जानकारी एवं उपलब्ध वैकल्पिक अभिलेखों के आधार पर यथासंभव सही विवरण प्रस्तुत किया है।

मूल अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण जो विवरण इस समय निश्चित रूप से उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है, उसे जानबूझकर छिपाया नहीं गया है।

उपलब्ध होने पर संबंधित सरकारी/राजस्व/निबंधन अभिलेख अथवा उनकी प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कर आवश्यक पूरक विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।

6. दायित्व/देयताएँ

क्र.

दायित्व का प्रकार

स्वयं

पति/पत्नी

आश्रित

1

बैंक ऋण

₹

₹

₹

2

वित्तीय संस्था का ऋण

₹

₹

₹

3

व्यक्तिगत ऋण

₹

₹

₹

4

अन्य देयता

₹

₹

₹

कुल दायित्व: ₹....................................................

7. अभिलेखों के संबंध में घोषणा

मैं यह घोषित करता/करती हूँ कि मेरे पास उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मैंने सम्पत्ति एवं दायित्वों का विवरण यथासंभव पूर्ण रूप से दिया है।

जहाँ किसी सम्पत्ति का मूल दस्तावेज चोरी, गुम, नष्ट अथवा अन्य वास्तविक कारण से उपलब्ध नहीं है, वहाँ उस तथ्य को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।

8. सत्यता संबंधी घोषणा

मैं शपथपूर्वक घोषित करता/करती हूँ कि—

उपर्युक्त विवरण मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य है।

मैंने जानबूझकर किसी ज्ञात सम्पत्ति अथवा दायित्व को छिपाने का प्रयास नहीं किया है।

जहाँ अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ मैंने उपलब्ध जानकारी के आधार पर विवरण दिया है।

भविष्य में कोई महत्वपूर्ण प्रमाणिक अभिलेख उपलब्ध होने पर आवश्यक पूरक विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।

इस शपथपत्र में दी गई जानकारी भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष राजनीतिक दल के पंजीकरण संबंधी प्रयोजन के लिए प्रस्तुत की जा रही है।

स्थान: ....................................................
दिनांक: ...................................................

शपथकर्ता के हस्ताक्षर: ....................................................
नाम: ................................................................................
पद: ...................................................................................

सत्यापन

मैं, उपर्युक्त शपथकर्ता, यह सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथपत्र के अनुच्छेद 1 से ........ तक में वर्णित तथ्य मेरी व्यक्तिगत जानकारी एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सत्य एवं सही हैं तथा इनमें कोई महत्वपूर्ण तथ्य जानबूझकर छिपाया नहीं गया है।

स्थान: ....................................................
दिनांक: ...................................................

शपथकर्ता के हस्ताक्षर: ....................................................

शपथ ग्रहण/प्रमाणीकरण

मेरे समक्ष आज दिनांक ......................... को उपर्युक्त शपथकर्ता ने शपथपूर्वक हस्ताक्षर किए।

हस्ताक्षर एवं मुहर:
प्रथम श्रेणी दण्डाधिकारी / Oath Commissioner / Notary Public

नाम: ................................................................................
पंजीकरण/लाइसेंस संख्या: ....................................................
स्थान: ................................................................................
दिनांक: ................................................................................

हाँ। इस स्थिति में शपथपत्र में यह स्पष्ट करना उचित होगा कि पदाधिकारी अपनी निजी सम्पत्ति का विवरण दे रहा है, लेकिन अन्य संबंधित व्यक्तियों की सम्पत्ति का विवरण उसके वास्तविक ज्ञान, नियंत्रण या अभिलेखों की उपलब्धता में नहीं है। साथ ही, इसे जानबूझकर तथ्य छिपाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
नीचे एक औपचारिक प्रारूप है:
Writing
शपथपत्र
परिवार के सदस्यों/आश्रितों की सम्पत्ति का विवरण उपलब्ध न होने के संबंध में
मैं, श्री/श्रीमती ............................................................
पुत्र/पुत्री/पति ............................................................
आयु ............ वर्ष, निवासी ....................................................
....................................................................................,
वर्तमान में शैलज लोकतांत्रिक दल में .................................................... पद पर कार्यरत हूँ।
मैं भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष राजनीतिक दल के पंजीकरण/संबंधित प्रयोजन के लिए यह शपथपत्र प्रस्तुत करते हुए शपथपूर्वक निम्नलिखित कथन करता/करती हूँ—
1. अपनी सम्पत्ति संबंधी घोषणा
कि मेरी निजी चल एवं अचल सम्पत्ति तथा मेरे ज्ञात दायित्वों का विवरण मैंने अपनी जानकारी एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पृथक रूप से प्रस्तुत किया है।
2. परिवार के अन्य सदस्यों की सम्पत्ति
कि मेरे पति/पत्नी, माता, पिता, पुत्र/पुत्री अथवा अन्य आश्रितों की व्यक्तिगत चल एवं अचल सम्पत्ति के संबंध में आवश्यक एवं पूर्ण विवरण मेरे पास उपलब्ध नहीं है।
3. विवरण उपलब्ध न होने का कारण
उक्त व्यक्तियों की सम्पत्ति उनके अपने स्वतंत्र स्वामित्व, कब्जे, अभिलेखों एवं वित्तीय मामलों से संबंधित है। उनके सम्पत्ति संबंधी मूल दस्तावेज, बैंक/वित्तीय अभिलेख अथवा अन्य आवश्यक अभिलेख मेरे व्यक्तिगत नियंत्रण या अभिरक्षा में नहीं हैं।
अतः मैं उनके संबंध में ऐसा कोई विवरण प्रमाणित रूप से प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं हूँ, जिसकी वास्तविक जानकारी या अभिलेख मेरे पास उपलब्ध नहीं हैं।
4. जानबूझकर विवरण छिपाने का अभाव
मैं स्पष्ट रूप से घोषित करता/करती हूँ कि परिवार के उक्त सदस्यों अथवा आश्रितों की सम्पत्ति का विवरण प्रस्तुत न कर पाने का उद्देश्य किसी सम्पत्ति को छिपाना, गलत विवरण देना अथवा भारत निर्वाचन आयोग को भ्रमित करना नहीं है।
मैं केवल वही विवरण प्रस्तुत कर रहा/रही हूँ जिसकी वास्तविक एवं विश्वसनीय जानकारी अथवा अभिलेख मेरे पास उपलब्ध हैं।
5. उपलब्ध जानकारी का विवरण
यदि उक्त व्यक्तियों की किसी सम्पत्ति के संबंध में मुझे व्यक्तिगत रूप से कोई विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध है, तो उसका विवरण निम्नानुसार है:
....................................................................................
....................................................................................
....................................................................................
यदि कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित स्थान पर “जानकारी उपलब्ध नहीं है” अथवा “मेरे व्यक्तिगत ज्ञान/नियंत्रण में नहीं” अंकित किया जाएगा।
6. भविष्य में प्राप्त जानकारी
यदि भविष्य में संबंधित व्यक्ति द्वारा कोई प्रमाणिक विवरण अथवा अभिलेख मुझे उपलब्ध कराया जाता है और उस विवरण को प्रस्तुत करना विधि अथवा भारत निर्वाचन आयोग के लागू निर्देशों के अनुसार आवश्यक हो, तो मैं उसके संबंध में आवश्यक पूरक विवरण प्रस्तुत करने का प्रयास करूँगा/करूँगी।
7. सत्यता की घोषणा
मैं शपथपूर्वक घोषित करता/करती हूँ कि—
मेरी अपनी चल एवं अचल सम्पत्ति का विवरण मेरी जानकारी एवं उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार सत्य है।
परिवार के अन्य सदस्यों/आश्रितों की सम्पत्ति के संबंध में मैंने केवल वही जानकारी दी है जो वास्तव में मेरे ज्ञान में है।
जिन सम्पत्तियों का विवरण मेरे पास उपलब्ध नहीं है, उनके संबंध में मैंने अनुमान लगाकर अथवा असत्य जानकारी देकर कोई विवरण तैयार नहीं किया है।
किसी अन्य व्यक्ति की निजी सम्पत्ति के संबंध में उसके अधिकार, गोपनीयता एवं अभिलेखीय नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मैंने केवल उपलब्ध एवं सत्यापित जानकारी का ही उल्लेख किया है।
मैंने जानबूझकर किसी ऐसी सम्पत्ति को छिपाने का प्रयास नहीं किया है जिसके संबंध में मुझे वास्तविक एवं विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध हो।
सत्यापन
मैं, उपर्युक्त शपथकर्ता, यह सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथपत्र में वर्णित कथन मेरे व्यक्तिगत ज्ञान, विश्वास तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सत्य एवं सही हैं और इसमें कोई तथ्य जानबूझकर गलत अथवा भ्रामक रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
स्थान: ........................................................
दिनांक: ........................................................
शपथकर्ता के हस्ताक्षर: ................................................
नाम: ....................................................................
पद: .......................................................................
शपथ ग्रहण/प्रमाणीकरण
मेरे समक्ष आज दिनांक ......................... को उपर्युक्त शपथकर्ता ने शपथपूर्वक इस शपथपत्र पर हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर एवं मुहर
Oath Commissioner / Notary Public / सक्षम प्राधिकारी
नाम: ....................................................................
पंजीकरण संख्या: ....................................................
स्थान: ..................................................................
दिनांक: .................................................................
एक महत्वपूर्ण कानूनी/ECI संबंधी सावधानी: यदि यह दस्तावेज वास्तव में ECI के निर्धारित affidavit के स्थान पर लगाया जाना है, तो इस निजी प्रारूप को सीधे ECI के prescribed format का विकल्प नहीं मानना चाहिए। ECI जिस व्यक्ति से पति/पत्नी या dependents की assets का विवरण मांगता है, वहाँ केवल “मेरे पास जानकारी नहीं है” लिखने से निर्धारित disclosure requirement स्वतः समाप्त नहीं होती। इस प्रारूप को स्पष्टीकरण/पूरक शपथपत्र के रूप में रखना अधिक सुरक्षित होगा।

हाँ। दोनों परिस्थितियों—(1) अपनी सम्पत्ति के अभिलेख चोरी/अनुपलब्ध होना और (2) पति/पत्नी, माता-पिता, संतान या आश्रितों की सम्पत्ति का विवरण उपलब्ध न होना—को एक ही संयुक्त शपथपत्र में समाहित किया जा सकता है। इससे पदाधिकारी को अलग-अलग शपथपत्र देने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
नीचे एक समेकित प्रारूप है:
Writing
शपथपत्र
सम्पत्ति एवं दायित्व संबंधी संयुक्त घोषणा
मैं, श्री/श्रीमती ..............................................................
पुत्र/पुत्री/पति ..............................................................
आयु ............ वर्ष, निवासी ....................................................
......................................................................................,
वर्तमान में शैलज लोकतांत्रिक दल में ................................................. पद पर कार्यरत हूँ। भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष दल के पंजीकरण/संबंधित प्रयोजन हेतु यह शपथपत्र प्रस्तुत करते हुए शपथपूर्वक निम्नलिखित घोषणा करता/करती हूँ—
1. अपनी चल एवं अचल सम्पत्ति
मेरी जानकारी एवं मेरे पास उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मेरी निजी चल एवं अचल सम्पत्ति का विवरण इस शपथपत्र के साथ संलग्न अनुसूची में प्रस्तुत किया गया है।
जहाँ किसी सम्पत्ति के संबंध में पूर्ण अभिलेख उपलब्ध हैं, वहाँ उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार आवश्यक विवरण दिया गया है।
2. पैतृक/उत्तराधिकारगत सम्पत्ति के अभिलेख उपलब्ध न होने की स्थिति
मेरी कुछ पैतृक अथवा उत्तराधिकारगत सम्पत्ति से संबंधित मूल अभिलेख चोरी/गुम/नष्ट हो गए हैं अथवा वर्तमान में मेरे पास उपलब्ध नहीं हैं।
इस कारण ऐसी सम्पत्ति के संबंध में जहाँ पूर्ण दस्तावेजी विवरण उपलब्ध नहीं है, वहाँ मैंने अपनी वर्तमान जानकारी एवं उपलब्ध वैकल्पिक अभिलेखों के आधार पर यथासंभव सही विवरण प्रस्तुत किया है।
मूल अभिलेख उपलब्ध न होने को मैंने किसी सम्पत्ति को छिपाने के उद्देश्य से नहीं रखा है।
3. परिवार के सदस्यों एवं आश्रितों की सम्पत्ति
मेरे पति/पत्नी, माता, पिता, पुत्र/पुत्री अथवा अन्य आश्रितों की व्यक्तिगत चल एवं अचल सम्पत्ति के संबंध में जहाँ पूर्ण एवं प्रमाणिक विवरण मेरे पास उपलब्ध नहीं है, वहाँ मैं ऐसा विवरण प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं हूँ।
उनकी व्यक्तिगत सम्पत्ति से संबंधित दस्तावेज, बैंक/वित्तीय अभिलेख, राजस्व अभिलेख अथवा अन्य प्रमाणिक अभिलेख मेरे व्यक्तिगत नियंत्रण या अभिरक्षा में नहीं हैं।
4. उपलब्ध जानकारी का सिद्धांत
परिवार के किसी सदस्य अथवा आश्रित की सम्पत्ति के संबंध में यदि मुझे कोई वास्तविक एवं विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध है, तो उसका विवरण उपलब्ध जानकारी की सीमा तक प्रस्तुत किया गया है।
जिस जानकारी अथवा अभिलेख का मुझे वास्तविक ज्ञान नहीं है अथवा जो मेरे नियंत्रण में नहीं है, उसके संबंध में अनुमानित या अप्रमाणित विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
5. सम्पत्ति छिपाने का उद्देश्य नहीं
मैं स्पष्ट रूप से घोषित करता/करती हूँ कि—
अपनी सम्पत्ति के अनुपलब्ध अभिलेखों का उल्लेख न करने अथवा
परिवार के किसी सदस्य/आश्रित की सम्पत्ति का पूर्ण विवरण उपलब्ध न करा पाने
का उद्देश्य किसी सम्पत्ति को छिपाना, गलत विवरण देना अथवा किसी सक्षम प्राधिकारी को भ्रमित करना नहीं है।
6. दायित्व/देयताएँ
मेरे ज्ञात ऋण, दायित्व एवं देयताओं का विवरण भी उपलब्ध अभिलेखों एवं मेरी जानकारी के आधार पर संलग्न विवरण में प्रस्तुत किया गया है।
जहाँ कोई दायित्व लागू नहीं है, वहाँ “NIL” अंकित किया गया है।
7. अभिलेख उपलब्ध होने पर पूरक विवरण
यदि भविष्य में मेरी सम्पत्ति से संबंधित कोई खोया/चोरी हुआ मूल अभिलेख अथवा प्रमाणिक अभिलेख प्राप्त होता है, अथवा परिवार के किसी सदस्य/आश्रित से संबंधित ऐसा प्रमाणिक विवरण प्राप्त होता है जिसे विधि अथवा संबंधित प्राधिकारी के निर्देशानुसार प्रस्तुत करना आवश्यक हो, तो मैं यथासंभव उसका पूरक विवरण प्रस्तुत करूँगा/करूँगी।
8. सत्य एवं सद्भावना की घोषणा
मैं शपथपूर्वक घोषित करता/करती हूँ कि—
मैंने अपनी जानकारी एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर अपनी सम्पत्ति एवं दायित्वों का यथासंभव सही विवरण दिया है।
मैंने जानबूझकर अपनी किसी ज्ञात सम्पत्ति या दायित्व को छिपाने का प्रयास नहीं किया है।
जहाँ मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ उस तथ्य को स्पष्ट रूप से बताया गया है।
परिवार के अन्य सदस्यों अथवा आश्रितों की सम्पत्ति के संबंध में मैंने केवल अपनी वास्तविक एवं विश्वसनीय जानकारी के आधार पर विवरण दिया है।
मेरे नियंत्रण में न रहने वाले निजी अभिलेखों के संबंध में मैंने अनुमान लगाकर अथवा असत्य जानकारी देकर कोई विवरण नहीं बनाया है।
इस शपथपत्र में दी गई जानकारी मेरी जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही है।
सत्यापन
मैं, उपर्युक्त शपथकर्ता, यह सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथपत्र के अनुच्छेद 1 से 8 तक में वर्णित कथन मेरे व्यक्तिगत ज्ञान, विश्वास तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सत्य एवं सही हैं और इनमें कोई तथ्य जानबूझकर छिपाया अथवा गलत रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
स्थान: ........................................................
दिनांक: ........................................................
शपथकर्ता के हस्ताक्षर: ................................................
नाम: ....................................................................
दल में पद: ................................................................
शपथ ग्रहण/प्रमाणीकरण
मेरे समक्ष आज दिनांक ......................... को उपर्युक्त शपथकर्ता ने शपथपूर्वक इस शपथपत्र पर हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर एवं मुहर
Oath Commissioner / Notary Public / सक्षम प्राधिकारी
नाम: ....................................................................
पंजीकरण संख्या: ....................................................
स्थान: ..................................................................
दिनांक: .................................................................
इस संयुक्त प्रारूप की विशेषता
इसमें दोनों परिस्थितियाँ एक साथ आ गई हैं:
अपनी सम्पत्ति → विवरण देना अनिवार्य, लेकिन चोरी/गुम/अनुपलब्ध अभिलेख की स्थिति स्पष्ट करने की व्यवस्था।
पति/पत्नी, माता-पिता, संतान एवं आश्रित → जहाँ वास्तविक जानकारी उपलब्ध है वहाँ विवरण; जहाँ व्यक्ति के पास जानकारी/अभिलेख नहीं है वहाँ अनुमान लगाकर विवरण देने की अपेक्षा नहीं।
भविष्य में अभिलेख मिलें → पूरक विवरण की व्यवस्था।
एक सावधानी यह है कि यदि इसे ECI के prescribed affidavit के स्थान पर दाखिल करना है, तो अंतिम रूप ECI के उस समय लागू निर्धारित प्रारूप से मिलाना चाहिए। इसे उसके साथ संयुक्त स्पष्टीकरण/घोषणा के रूप में रखना अधिक सुरक्षित हो सकता है।

निश्चित रूप से। इसे अत्यंत संक्षिप्त, स्पष्ट और औपचारिक बनाया जा सकता है, ताकि एक ही शपथपत्र में दोनों परिस्थितियाँ समाहित रहें।
Writing
शपथपत्र
सम्पत्ति एवं दायित्व संबंधी घोषणा
मैं, श्री/श्रीमती ............................................................,
पुत्र/पुत्री/पति ............................................................,
निवासी ..............................................................................,
शैलज लोकतांत्रिक दल में ............................................... पद पर कार्यरत हूँ।
मैं शपथपूर्वक घोषित करता/करती हूँ कि—
मेरी निजी चल एवं अचल सम्पत्ति तथा ज्ञात दायित्वों का विवरण मेरी जानकारी एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संलग्न विवरण में प्रस्तुत किया गया है।
मेरी किसी पैतृक/उत्तराधिकारगत सम्पत्ति के मूल अभिलेख चोरी, गुम, नष्ट अथवा अन्य कारण से उपलब्ध नहीं होने पर, मैंने उपलब्ध जानकारी के आधार पर यथासंभव विवरण दिया है तथा अभिलेख-अनुपलब्धता का उल्लेख किया है।
मेरे पति/पत्नी, माता, पिता, संतान अथवा अन्य आश्रितों की व्यक्तिगत सम्पत्ति का जो विवरण मेरी वास्तविक एवं विश्वसनीय जानकारी में है, वह उपलब्ध कराया गया है। जिन सम्पत्तियों के संबंध में जानकारी अथवा अभिलेख मेरे पास उपलब्ध नहीं हैं, उनके संबंध में अनुमानित या अप्रमाणित विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
उपर्युक्त किसी भी विवरण की अपूर्णता का उद्देश्य किसी सम्पत्ति को छिपाना अथवा संबंधित प्राधिकारी को भ्रमित करना नहीं है। भविष्य में प्रमाणिक अभिलेख/जानकारी उपलब्ध होने पर, जहाँ आवश्यक हो, पूरक विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।
मैं घोषित करता/करती हूँ कि उपर्युक्त कथन मेरी जानकारी, विश्वास एवं उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार सत्य एवं सही हैं।
स्थान: ....................................
दिनांक: ....................................
शपथकर्ता के हस्ताक्षर: ....................................
नाम: ............................................................
पद: ................................................................
सत्यापन
मैं उपर्युक्त शपथकर्ता सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथपत्र में दी गई जानकारी मेरे ज्ञान एवं विश्वास के अनुसार सत्य है और कोई तथ्य जानबूझकर छिपाया नहीं गया है।
हस्ताक्षर: ....................................
मेरे समक्ष शपथपूर्वक हस्ताक्षरित
Notary Public / Oath Commissioner / सक्षम प्राधिकारी
नाम एवं मुहर: ........................................
दिनांक: .................................................
यह संक्षिप्त प्रारूप मेरे विचार से व्यावहारिक रूप से अधिक उपयोगी है—एक ही शपथपत्र में अपनी सम्पत्ति + अभिलेख चोरी/अनुपलब्धता + परिवार/आश्रितों की सम्पत्ति की जानकारी न होना + भविष्य में पूरक विवरण चारों बातें आ जाती हैं।