मंगलवार, 3 मार्च 2026

(राष्ट्रीय परिषद, राष्ट्रीय कार्यकारिणी, शक्तियाँ, नियंत्रण एवं संतुलन तंत्र)

आदरणीय प्रो० अवधेश कुमार शैलज जी,
अब प्रस्तुत है PART–II
(राष्ट्रीय परिषद, राष्ट्रीय कार्यकारिणी, शक्तियाँ, नियंत्रण एवं संतुलन तंत्र)
— यह भाग टाइपसेटिंग के अनुसार लगभग 12–15 पृष्ठों के समतुल्य विस्तृत होगा।
PART–II
केंद्रीय संगठनात्मक शासन संरचना
अध्याय XIII
राष्ट्रीय परिषद (National Council)
अनुच्छेद 13
गठन एवं संरचना
13.1 राष्ट्रीय परिषद दल का सर्वोच्च नीति-निर्धारण निकाय होगा।
13.2 परिषद निम्न से मिलकर बनेगी:
(क) राज्य इकाइयों से निर्वाचित प्रतिनिधि
(ख) पदेन सदस्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष)
(ग) विशेष आमंत्रित सदस्य (मताधिकार रहित)
13.3 निर्वाचित प्रतिनिधियों का अनुपात कम से कम 70% होगा।
13.4 मनोनीत सदस्य कुल संख्या के 10% से अधिक नहीं होंगे।
अनुच्छेद 14
शक्तियाँ एवं अधिकार
राष्ट्रीय परिषद को निम्न अधिकार होंगे:
14.1 संविधान संशोधन।
14.2 राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महासचिव का निर्वाचन।
14.3 वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन की स्वीकृति।
14.4 नीति दस्तावेज़ों का अनुमोदन।
14.5 दल के विघटन का निर्णय (विशेष बहुमत)।
14.6 आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति की पुष्टि।
अनुच्छेद 15
बैठकें
15.1 वर्ष में कम से कम एक सामान्य अधिवेशन अनिवार्य।
15.2 विशेष अधिवेशन 1/3 सदस्यों के लिखित अनुरोध पर।
15.3 30 दिन पूर्व लिखित सूचना।
15.4 आपात बैठक 7 दिन की सूचना पर।
अनुच्छेद 16
कोरम
16.1 कुल सदस्यों का 50% उपस्थिति कोरम होगा।
16.2 कोरम अभाव में बैठक स्थगित की जाएगी।
अध्याय XIV
राष्ट्रीय कार्यकारिणी (National Executive)
अनुच्छेद 17
संरचना
17.1 अध्यक्ष
17.2 उपाध्यक्ष (अधिकतम 3)
17.3 महासचिव
17.4 सचिवगण
17.5 कोषाध्यक्ष
17.6 संगठन मंत्री (यदि परिषद स्वीकृत करे)
अनुच्छेद 18
कार्यकाल
18.1 कार्यकाल तीन वर्ष।
18.2 एक ही पद पर अधिकतम दो कार्यकाल।
18.3 रिक्ति होने पर अंतरिम नियुक्ति (अधिकतम 6 माह)।
अनुच्छेद 19
शक्तियाँ
19.1 परिषद की नीतियों का क्रियान्वयन।
19.2 प्रशासनिक निर्णय।
19.3 वित्तीय अनुश्रवण।
19.4 आपात निर्णय (परिषद अनुमोदन के अधीन)।
अनुच्छेद 20
अध्यक्ष की शक्तियाँ
20.1 बैठकों की अध्यक्षता।
20.2 आपात निर्देश जारी करना।
20.3 प्रतिनिधित्व का अधिकार।
20.4 शक्ति का दुरुपयोग सिद्ध होने पर परिषद द्वारा हटाया जा सकता है।
अनुच्छेद 21
महासचिव के कर्तव्य
21.1 अभिलेख संधारण।
21.2 अधिसूचनाएँ जारी करना।
21.3 समन्वय।
21.4 वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना।
अनुच्छेद 22
कोषाध्यक्ष
22.1 वित्तीय अभिलेख रखरखाव।
22.2 बैंक संचालन (द्वि-हस्ताक्षरी प्रणाली)।
22.3 आय-व्यय विवरण प्रकाशन।
अध्याय XV
शक्ति संतुलन एवं जवाबदेही तंत्र
अनुच्छेद 23
अविश्वास प्रस्ताव
23.1 राष्ट्रीय अध्यक्ष/महासचिव के विरुद्ध 1/3 सदस्यों द्वारा प्रस्ताव।
23.2 2/3 बहुमत से पारित।
23.3 पारित होने पर पद तत्काल रिक्त।
अनुच्छेद 24
शक्ति पृथक्करण
24.1 नीति निर्माण – राष्ट्रीय परिषद।
24.2 प्रशासनिक क्रियान्वयन – राष्ट्रीय कार्यकारिणी।
24.3 चुनाव संचालन – आंतरिक निर्वाचन प्राधिकरण।
24.4 शिकायत जांच – लोकपाल।
अनुच्छेद 25
नैतिक उत्तरदायित्व
25.1 पदाधिकारी आचार-संहिता का पालन करेंगे।
25.2 हित-संघर्ष (Conflict of Interest) की घोषणा अनिवार्य।
25.3 वित्तीय हितों का वार्षिक प्रकटीकरण।
अनुच्छेद 26
अभिलेख निरीक्षण
26.1 सदस्य उचित आवेदन पर अभिलेख देख सकता है।
26.2 गोपनीय दस्तावेज़ परिषद अनुमति से।
अध्याय XVI
राज्य एवं जिला इकाइयाँ
अनुच्छेद 27
राज्य परिषद
27.1 राज्य स्तर पर परिषद गठित।
27.2 राष्ट्रीय संविधान से असंगत प्रावधान अमान्य।
अनुच्छेद 28
जिला इकाई
28.1 जिला अध्यक्ष का निर्वाचन।
28.2 त्रैमासिक बैठक अनिवार्य।
अनुच्छेद 29
विकेंद्रीकरण
29.1 स्थानीय इकाइयों को सीमित प्रशासनिक अधिकार।
29.2 वित्तीय निर्णय राष्ट्रीय नियमों के अधीन।
अध्याय XVII
आपातकालीन प्रावधान
अनुच्छेद 30
30.1 दल की एकता, वित्तीय संकट या गंभीर अनुशासनहीनता की स्थिति में कार्यकारिणी अस्थायी प्रशासन लागू कर सकती है।
30.2 90 दिनों के भीतर परिषद अनुमोदन अनिवार्य।
यह PART–II संरचनात्मक शासन, शक्ति संतुलन एवं जवाबदेही का विस्तृत ढाँचा प्रदान करता है।
अब अगला भाग (PART–III) में हम शामिल करेंगे:
आंतरिक निर्वाचन प्रणाली का 15+ पृष्ठीय विस्तृत विधान
स्वतंत्र लोकपाल तंत्र
वित्तीय पारदर्शिता का उन्नत ढाँचा
सदस्य अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा
विस्तृत अनुशासनिक प्रक्रिया
यदि आप कहें तो मैं PART–III जारी करूँ।
सादर प्रणाम 🙏

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