मंगलवार, 3 मार्च 2026

प्रज्ञा-संविधान शैलज दलआधिकारिक संविधान (Official Constitution)

आदरणीय प्रो० अवधेश कुमार शैलज जी,
नीचे “Submission-Ready Official Constitution Booklet” का पूर्ण, कॉपी-पेस्ट योग्य, विधिक-शैली (ECI-अनुरूप) पाठ प्रस्तुत है। आप इसे Word में A4, 1.5" लेफ्ट मार्जिन, डबल-स्पेस, पेज नंबर सहित टाइपसेट कर बाउंड कर सकते हैं।
प्रज्ञा-संविधान शैलज दल
आधिकारिक संविधान (Official Constitution)
(Section 29A, Representation of the People Act, 1951 के अनुरूप)
अंगीकृत दिनांक: //20__
मुख्यालय: __________________________
विषय-सूची (INDEX)
प्रस्तावना
नाम, ध्वज एवं मुख्यालय
उद्देश्य एवं मूल सिद्धांत
सदस्यता
संगठनात्मक संरचना
राष्ट्रीय परिषद
राष्ट्रीय कार्यकारिणी
राज्य/जिला/स्थानीय इकाइयाँ
आंतरिक चुनाव प्रक्रिया
वित्तीय प्रावधान एवं लेखा-परीक्षा
आचार-संहिता एवं अनुशासन
नीतिगत निर्धारण प्रक्रिया
महिला, युवा एवं विशेष प्रकोष्ठ
पारदर्शिता एवं सूचना प्रकटीकरण
अभिलेख संधारण
प्रतिनिधित्व एवं प्रत्याशी चयन
शिकायत निवारण तंत्र
संशोधन प्रक्रिया
विघटन एवं परिसंपत्ति प्रबंधन
विधिक अनुपालन घोषणा
व्याख्या एवं विविध उपबंध
अंगीकृति एवं हस्ताक्षर
अध्याय 1: प्रस्तावना
हम, प्रज्ञा-संविधान शैलज दल के संस्थापक सदस्य, भारत के संविधान की सर्वोच्चता को स्वीकार करते हुए, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और गणराज्य के मूल्यों में आस्था रखते हैं; भारत की एकता एवं अखंडता की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध रहते हुए; नैतिक-प्रज्ञा आधारित, पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन की स्थापना के उद्देश्य से यह संविधान अंगीकृत करते हैं।
अध्याय 2: नाम, ध्वज एवं मुख्यालय
अनु. 2.1 – नाम: दल का नाम “प्रज्ञा-संविधान शैलज दल” होगा।
अनु. 2.2 – पंजीकरण: दल धारा 29A, Representation of the People Act, 1951 के अंतर्गत पंजीकरण हेतु आवेदन करेगा।
अनु. 2.3 – मुख्यालय: राष्ट्रीय मुख्यालय ____________________ पर स्थित होगा।
अनु. 2.4 – ध्वज/प्रतीक: दल का ध्वज/प्रतीक निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार होगा।
अध्याय 3: उद्देश्य एवं मूल सिद्धांत
अनु. 3.1 – उद्देश्य:
(क) संविधान-सम्मत शासन को बढ़ावा देना।
(ख) सामाजिक न्याय, समरसता एवं विधि-राज की स्थापना।
(ग) शिक्षा, जागृति एवं नैतिक नेतृत्व का संवर्धन।
अनु. 3.2 – मूल सिद्धांत:
(क) भारतीय संविधान की सर्वोच्चता।
(ख) आंतरिक लोकतंत्र।
(ग) पारदर्शिता एवं जवाबदेही।
(घ) अहिंसात्मक राजनीतिक सहभागिता।
अध्याय 4: सदस्यता
अनु. 4.1 – पात्रता:
(क) भारतीय नागरिक;
(ख) आयु 18 वर्ष या अधिक;
(ग) किसी अन्य दल का सक्रिय सदस्य न हो।
अनु. 4.2 – प्रक्रिया: लिखित आवेदन, आचार-संहिता की स्वीकृति, नाममात्र शुल्क (यदि लागू)।
अनु. 4.3 – समाप्ति: त्यागपत्र/अनुशासनहीनता/संविधान-विरोधी गतिविधि।
अध्याय 5: संगठनात्मक संरचना
राष्ट्रीय परिषद (Supreme Policy Body)
राष्ट्रीय कार्यकारिणी
राज्य इकाई
जिला इकाई
स्थानीय/ब्लॉक इकाई
अध्याय 6: राष्ट्रीय परिषद
अनु. 6.1 – गठन: राज्य इकाइयों के निर्वाचित प्रतिनिधि।
अनु. 6.2 – शक्तियाँ:
(क) नीति निर्धारण;
(ख) संविधान संशोधन;
(ग) राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव;
(घ) विघटन पर निर्णय (विशेष बहुमत)।
अध्याय 7: राष्ट्रीय कार्यकारिणी
संरचना: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिवगण, कोषाध्यक्ष।
कार्यकाल: 3 वर्ष।
कर्तव्य: प्रशासनिक संचालन, वित्तीय अनुश्रवण, कार्यक्रम क्रियान्वयन।
अध्याय 8: राज्य/जिला/स्थानीय इकाइयाँ
राज्य इकाई राष्ट्रीय संविधान के अनुरूप अपना उप-संविधान बना सकती है, परंतु राष्ट्रीय संविधान से विरोधाभासी नहीं होगा।
अध्याय 9: आंतरिक चुनाव प्रक्रिया
प्रत्येक तीन वर्ष में गुप्त मतदान द्वारा चुनाव।
स्वतंत्र निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति।
मतदाता सूची का प्रकाशन।
आपत्ति-निवारण तंत्र।
अध्याय 10: वित्तीय प्रावधान एवं लेखा-परीक्षा
अधिकृत बैंक खाते में लेन-देन।
वार्षिक लेखा-परीक्षा (CA द्वारा)।
वैधानिक स्रोतों से ही योगदान स्वीकार्य।
आय-व्यय विवरण का प्रकाशन।
अध्याय 11: आचार-संहिता एवं अनुशासन
हिंसा, घृणा-भाषण, भ्रष्टाचार निषिद्ध।
अनुशासन समिति का गठन।
कारण-बताओ नोटिस एवं सुनवाई का अवसर।
अध्याय 12: नीतिगत निर्धारण
राष्ट्रीय परिषद बहुमत से नीतिगत प्रस्ताव पारित करेगी। विशेष नीतियों हेतु 2/3 बहुमत आवश्यक।
अध्याय 13: महिला/युवा/विशेष प्रकोष्ठ
दल महिला, युवा, किसान, श्रमिक एवं अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ स्थापित कर सकता है।
अध्याय 14: पारदर्शिता एवं सूचना प्रकटीकरण
वार्षिक प्रतिवेदन।
वित्तीय प्रकटीकरण।
अधिकृत प्रवक्ता द्वारा आधिकारिक वक्तव्य।
अध्याय 15: अभिलेख संधारण
सदस्यता रजिस्टर, बैठक कार्यवृत्त, वित्तीय अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे।
अध्याय 16: प्रत्याशी चयन
योग्यता, जनाधार एवं नैतिक आचरण के आधार पर चयन।
राज्य इकाई की अनुशंसा एवं राष्ट्रीय अनुमोदन।
अध्याय 17: शिकायत निवारण
आंतरिक लोकपाल/शिकायत समिति।
30 दिनों के भीतर निर्णय।
अध्याय 18: संशोधन प्रक्रिया
संविधान संशोधन हेतु राष्ट्रीय परिषद में उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत की आवश्यकता।
अध्याय 19: विघटन
3/4 बहुमत से प्रस्ताव।
परिसंपत्तियाँ विधि-सम्मत सार्वजनिक/शैक्षिक प्रयोजन हेतु।
अध्याय 20: विधिक अनुपालन घोषणा
दल घोषित करता है कि वह:
(क) भारतीय संविधान की सर्वोच्चता में आस्था रखता है;
(ख) समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता एवं लोकतंत्र में विश्वास करता है;
(ग) भारत की एकता एवं अखंडता की रक्षा करेगा।
अध्याय 21: व्याख्या
किसी विवाद की स्थिति में राष्ट्रीय परिषद का निर्णय अंतिम होगा, जो भारतीय विधि के अधीन होगा।
अध्याय 22: अंगीकृति
यह संविधान राष्ट्रीय परिषद द्वारा दिनांक //20__ को विधिवत अंगीकृत किया गया।
हस्ताक्षर
अध्यक्ष: __________________________
महासचिव: _________________________
कोषाध्यक्ष: ________________________
मुहर: _____________________________
संलग्नक
शपथ-पत्र
संस्थापक सदस्यों की सूची
वित्तीय घोषणा
चुनाव चिन्ह विवरण
यदि आप चाहें तो मैं अब:
⚖ निर्वाचन आयोग आपत्ति-प्रतिरोध संस्करण
📘 द्विभाषी (Hindi-English) समानांतर पाठ
🔐 डिजिटल-सिग्नेचर सक्षम सुरक्षित संस्करण
🏛 आंतरिक लोकतंत्र पर और विस्तृत धाराएँ (वास्तविक 30+ पृष्ठीय विस्तार)
तैयार कर सकता हूँ।
सादर प्रणाम 🙏

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