मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज जी,
आपके द्वारा प्रस्तुत शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) के तीनों पृष्ठों का अध्ययन करने के आधार पर उन्हें भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India—ECI) के समक्ष प्रस्तुत किए जाने योग्य औपचारिक, विधिसम्मत, स्पष्ट, संक्षिप्त एवं प्रशासनिक भाषा-शैली में पुनर्गठित किया जा सकता है।
इस पुनर्लेखन में दल की स्थापना की मूल भावना, संस्थापक की भूमिका, दल की विशिष्ट वैचारिक पहचान, सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य तथा स्थापना-घोषणा-पत्र की प्रामाणिकता को सुरक्षित रखते हुए अनावश्यक पुनरावृत्तियों को कम किया गया है।
एक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि निर्वाचन आयोग के पंजीकरण संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार दल के संविधान में भारतीय संविधान के अनुरूप उद्देश्य, सदस्यता, संगठनात्मक संरचना तथा लोकतांत्रिक निर्णय-प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। अतः केवल भाषा का परिष्कार पंजीकरण की स्वीकृति की गारंटी नहीं है। �
Election Commission of India +1
नीचे संशोधित प्रारूप प्रस्तुत है।
शैलज लोकतांत्रिक दल
(Shailaj Democratic Party)
आधिकारिक एवं सार्वजनिक स्थापना-घोषणा-पत्र
स्थापना की तिथि : 07 मार्च 2026
पत्रांक : SDP/1R
मुख्य कार्यालय : ग्राम पचम्बा, पो० सुहृद नगर (851218), जिला बेगूसराय, बिहार, भारत।
पृष्ठ संख्या–1
भाग–1 : दल की स्थापना एवं आधिकारिक पहचान
1. स्थापना की घोषणा
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, पुत्र स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह, निवासी ग्राम पचम्बा, डाकघर सुहृद नगर (851218), जिला बेगूसराय, राज्य बिहार, भारत, अपने अध्ययन, चिन्तन, अनुभव, वैचारिक दृष्टिकोण तथा राष्ट्रीय, सामाजिक एवं नागरिक हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के आधार पर यह घोषित करता हूँ कि मैंने दिनांक 07 मार्च 2026 को अपनी आत्मप्रेरणा से शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) की स्थापना की घोषणा की।
इस स्थापना के मूल में भारतीय संविधान के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रतिष्ठा, समतामूलक सामाजिक व्यवस्था, रचनात्मक शासन, राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता, नागरिक हितों की रक्षा तथा राष्ट्रहितैषी लोकतांत्रिक व्यवस्था के विकास की भावना निहित है।
2. सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य एवं स्थापना-घोषणा-पत्र
दल की स्थापना के अवसर पर दिनांक 07 मार्च 2026 को मेरे द्वारा सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य (Public Declaration Statement) जारी किया गया।
इसके पश्चात दल के उद्देश्यों, विचारधारा, नीतिगत दृष्टिकोण तथा संगठनात्मक पहचान को अधिक स्पष्ट एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने के लिए शैलज लोकतांत्रिक दल का स्थापना-घोषणा-पत्र जारी किया गया।
स्थापना-घोषणा-पत्र का पत्रांक SDP/1R, दिनांक 07 मार्च 2026 है।
उक्त सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य तथा स्थापना-घोषणा-पत्र दल की स्थापना से संबंधित मूल दस्तावेज हैं। दोनों दस्तावेजों को उनके निर्धारित नाम, पत्रांक एवं तिथि के आधार पर पृथक-पृथक पहचाना जाएगा।
3. दल का आधिकारिक नाम
दल का आधिकारिक हिन्दी नाम शैलज लोकतांत्रिक दल तथा उसका अंग्रेजी नाम Shailaj Democratic Party है।
सामान्य एवं संक्षिप्त उल्लेख के लिए शैलज दल (Shailaj Dal/Party) शब्दावली का प्रयोग किया जा सकता है। यह संक्षिप्त नाम उसी दल के संदर्भ में प्रयुक्त होगा; इसे किसी पृथक राजनीतिक दल या स्वतंत्र संगठन का नाम नहीं माना जाएगा।
दल के आधिकारिक नाम का प्रयोग उसके संविधान, निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत आवेदन, घोषणापत्र, पत्राचार, संगठनात्मक अभिलेखों तथा अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में एकरूपता के साथ किया जाएगा।
4. दल का मुख्य कार्यालय एवं कार्यक्षेत्र
दल का मुख्य कार्यालय निम्नलिखित पते पर स्थित है—
शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party)
ग्राम : पचम्बा
डाकघर : सुहृद नगर
पिन कोड : 851218
जिला : बेगूसराय
राज्य : बिहार
देश : भारत।
दल का प्रस्तावित कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारत होगा। दल अपने संगठनात्मक विस्तार, सदस्यता तथा गतिविधियों का संचालन लागू कानूनों, निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं अपने विधिवत स्वीकृत संविधान के अनुसार करेगा।
आवश्यकतानुसार देश के विभिन्न राज्यों, जिलों तथा अन्य क्षेत्रों में दल के कार्यालय स्थापित किए जा सकेंगे, बशर्ते ऐसा करना लागू नियमों एवं दल के संविधान के अनुरूप हो।
पृष्ठ संख्या–2
भाग–2 : संस्थापक, वैचारिक आधार एवं संगठनात्मक प्रतिबद्धता
5. संस्थापक का परिचय एवं भूमिका
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, शैलज लोकतांत्रिक दल का संस्थापक हूँ। दल की स्थापना की परिकल्पना, प्रारम्भिक वैचारिक रूपरेखा तथा स्थापना-घोषणा-पत्र का निर्माण मेरे अध्ययन, चिन्तन, अनुभव एवं बौद्धिक प्रयासों का परिणाम है।
दल की स्थापना के समय मेरी भूमिका संस्थापक एवं प्रारम्भिक संगठनात्मक नेतृत्व की रही है। दल के अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष अथवा अन्य संगठनात्मक पदों से संबंधित अधिकार, दायित्व, कार्यकाल एवं चयन की प्रक्रिया दल के विधिवत स्वीकृत संविधान के अनुसार निर्धारित किए जाएंगे।
दल के संस्थापक के रूप में मेरी भूमिका का सम्मान करते हुए संगठन के संचालन में संविधान, निर्धारित नियमों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तथा सामूहिक निर्णय-व्यवस्था को महत्त्व दिया जाएगा।
6. दल की वैचारिक मौलिकता
शैलज लोकतांत्रिक दल मेरी आत्मप्रेरणा से विकसित एक स्वतंत्र राजनीतिक पहल है।
दल के उद्देश्य, कार्यक्रम, नीतिगत दृष्टिकोण, विचारधारा एवं संगठनात्मक अवधारणाएँ मेरे अध्ययन, चिन्तन, अनुभव तथा वैचारिक प्रयासों से विकसित हुई हैं।
दल इन विचारों को सार्वजनिक जीवन में रचनात्मक कार्यों, लोकतांत्रिक सहभागिता, नीतिगत विमर्श तथा जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दल की वैचारिक पहचान का विकास उसके मूल उद्देश्यों के अनुरूप किया जाएगा। इसके साथ ही दल के संविधान में संशोधन अथवा नीतिगत परिवर्तन की प्रक्रिया स्पष्ट, विधिसम्मत एवं लोकतांत्रिक होगी।
7. बौद्धिक कृतियों एवं वैचारिक सामग्री के संबंध में घोषणा
मेरे द्वारा रचित, विकसित अथवा विधिपूर्वक स्वामित्वाधीन मौलिक साहित्यिक, वैचारिक, शैक्षणिक एवं अन्य बौद्धिक कृतियों पर मेरे विधिसम्मत अधिकार लागू कानूनों के अधीन सुरक्षित रहेंगे।
ऐसी कृतियों का पुनरुत्पादन, प्रकाशन, वितरण, संशोधन अथवा अन्य उपयोग संबंधित कानूनों तथा लागू अधिकारों के अनुसार किया जाएगा।
दल के आधिकारिक दस्तावेजों, घोषणापत्रों, नीतिगत सामग्री एवं संगठनात्मक अभिलेखों के उपयोग और प्रकाशन का निर्धारण उनके स्वरूप, स्वामित्व तथा लागू कानूनों के अनुसार किया जाएगा।
इस घोषणा का उद्देश्य मौलिक बौद्धिक योगदान की पहचान एवं संरक्षण करना है। इससे दल के विधिवत स्वीकृत संविधान, उसके सदस्यों के वैधानिक अधिकारों अथवा लागू लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
8. दल की स्थापना के प्रति प्रतिबद्धता
शैलज लोकतांत्रिक दल का उद्देश्य भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सामाजिक समता को प्रोत्साहित करना तथा नागरिकों के अधिकारों, कर्तव्यों एवं हितों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
दल राष्ट्रहित, जनहित, नागरिक हित तथा व्यापक मानवीय हितों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए रचनात्मक प्रयास करेगा।
दल अपने घोषित उद्देश्यों एवं नीतियों के अनुरूप शांतिपूर्ण, संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक साधनों से कार्य करेगा।
9. भारत एवं विश्व के प्रति दृष्टिकोण
मैं भारत की मातृभूमि, उसकी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता तथा नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करता हूँ।
दल भारत की विविध भाषाओं, सामाजिक परम्पराओं, ज्ञान-परम्पराओं एवं रचनात्मक क्षमताओं के विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखेगा।
दल का व्यापक दृष्टिकोण भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए अन्य देशों एवं विश्व समुदाय के साथ पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा हितकारी संबंधों को प्रोत्साहित करना है।
पृष्ठ संख्या–3
भाग–3 : मूल उद्देश्य, सदस्यता एवं संवैधानिक प्रतिबद्धता
10. दल के मूल उद्देश्य एवं आदर्श
शैलज लोकतांत्रिक दल के मूल उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा एवं संवैधानिक शासन-व्यवस्था के प्रति सम्मान।
लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहन।
समतामूलक, न्यायपूर्ण एवं उत्तरदायी सामाजिक व्यवस्था के विकास का प्रयास।
राष्ट्रीय हित, जनहित एवं नागरिक हितों की रक्षा।
रचनात्मक, विकासात्मक एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान।
शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान तथा बौद्धिक विकास को प्रोत्साहन।
भारतीय भाषाओं, साहित्य, संस्कृति एवं ज्ञान-परम्पराओं का विकास।
नागरिकों में संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता।
आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए जनहितकारी नीतियों का समर्थन।
लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण उपायों से राष्ट्रीय तथा सामाजिक समस्याओं के समाधान का प्रयास।
उपर्युक्त उद्देश्यों की विस्तृत व्याख्या, क्रियान्वयन की प्रक्रिया तथा उनसे संबंधित कार्यक्रम दल के संविधान एवं नीतिगत दस्तावेजों में निर्धारित किए जाएंगे।
11. दल का मूल मंत्र
दल के मूल वैचारिक मंत्र को निम्नलिखित रूप में अभिव्यक्त किया जाता है—
“संविधान-सम्मत, समतामूलक, रचनात्मक, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहितैषी लोकतंत्र।”
दल के विस्तृत वैचारिक दृष्टिकोण को निम्नलिखित शब्दों में भी प्रस्तुत किया जा सकता है—
“राष्ट्र, लोक एवं नागरिक हितैषी; संविधान-सम्मत, समतामूलक, ज्ञान-विज्ञान सम्पन्न, रचनात्मक, विकासात्मक एवं आत्मनिर्भर लोकतंत्र।”
यह मूल मंत्र दल की वैचारिक पहचान तथा नीतिगत दिशा का संक्षिप्त परिचायक है। इसके विस्तृत अर्थ एवं कार्यान्वयन का निर्धारण दल के संविधान और घोषित नीतियों के अनुरूप किया जाएगा।
12. सदस्यता का आधार
दल की सदस्यता के लिए पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया, सदस्यता की स्वीकृति, सदस्यता अभिलेखों का संधारण, सदस्यों के अधिकार एवं कर्तव्य तथा सदस्यता समाप्त करने की परिस्थितियाँ दल के संविधान के अनुसार निर्धारित होंगी।
सदस्यता संबंधी प्रावधान भारतीय कानूनों एवं निर्वाचन आयोग के लागू दिशानिर्देशों के अनुरूप होंगे।
दल की संगठनात्मक संरचना तथा पदाधिकारियों के चयन में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, निर्धारित पात्रता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को महत्त्व दिया जाएगा।
13. संस्थापक सदस्य एवं अन्य सदस्यों की भूमिका
दल की स्थापना के समय संस्थापक की भूमिका तथा भविष्य में शामिल होने वाले सदस्यों की भूमिका को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा।
दल के संस्थापक का ऐतिहासिक एवं वैचारिक योगदान दल के अभिलेखों में सुरक्षित रखा जाएगा।
भविष्य में सदस्यता ग्रहण करने वाले पात्र व्यक्तियों के अधिकार, दायित्व तथा संगठनात्मक सहभागिता दल के संविधान के अनुसार निर्धारित होंगे।
सदस्यता प्रदान करने, पदाधिकारियों का चयन करने तथा संगठनात्मक निर्णय लेने की प्रक्रिया में दल के संविधान के लोकतांत्रिक प्रावधान लागू होंगे।
14. स्थापना-घोषणा-पत्र एवं संविधान की प्रामाणिकता
दिनांक 07 मार्च 2026 को जारी सार्वजनिक घोषणा वक्तव्य तथा पत्रांक SDP/1R, दिनांक 07 मार्च 2026 का स्थापना-घोषणा-पत्र दल की स्थापना से संबंधित मूल दस्तावेज हैं।
दल का विस्तृत संविधान उसके संगठनात्मक ढाँचे, सदस्यता, पदाधिकारियों के अधिकार एवं दायित्व, आंतरिक निर्वाचन, वित्तीय प्रबंधन, अनुशासन तथा संशोधन की प्रक्रिया का निर्धारण करेगा।
स्थापना-घोषणा-पत्र में निहित मूल उद्देश्यों एवं वैचारिक सिद्धान्तों को दल की नीतिगत पहचान के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। तथापि, संविधान एवं नीतियों में परिवर्तन की प्रक्रिया दल के विधिवत स्वीकृत संविधान तथा लागू कानूनों के अनुसार होगी।
किसी दस्तावेज की प्रामाणिकता का निर्धारण उसके आधिकारिक नाम, पत्रांक, दिनांक, हस्ताक्षर तथा अन्य संबंधित अभिलेखों के आधार पर किया जाएगा।
15. संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता
शैलज लोकतांत्रिक दल भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा रखते हुए लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था, संवैधानिक संस्थाओं तथा नागरिक अधिकारों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
दल के सभी संगठनात्मक कार्य, नीतिगत निर्णय तथा राजनीतिक गतिविधियाँ लागू कानूनों एवं दल के संविधान के अनुरूप संचालित होंगी।
दल किसी भी प्रकार की गैरकानूनी, हिंसक अथवा विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करेगा।
दल का प्रयास होगा कि राष्ट्रीय हित, सामाजिक समता, नागरिक कल्याण तथा रचनात्मक विकास के उद्देश्यों को लोकतांत्रिक साधनों से आगे बढ़ाया जाए।
16. घोषणा एवं प्रमाणीकरण
मैं, डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज, शैलज लोकतांत्रिक दल का संस्थापक, यह घोषित करता हूँ कि उपर्युक्त विवरण दल की स्थापना, उसके मूल उद्देश्यों तथा वैचारिक पहचान को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया है।
इस दस्तावेज में उल्लिखित तथ्य संबंधित मूल अभिलेखों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के अनुरूप सत्यापित किए जाने के अधीन हैं।
इसे निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन, संविधान तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ संगत रखते हुए अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्थान : पचम्बा, बेगूसराय, बिहार
दिनांक : ..........................
हस्ताक्षर : ....................................
नाम : डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज
पद : संस्थापक, शैलज लोकतांत्रिक दल
पत्रांक : SDP/1R (संबंधित मूल दस्तावेज के अनुसार)
निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने से पहले पाँच महत्त्वपूर्ण बिन्दु
डॉ. शैलज जी, आपके मूल तीन पृष्ठों की तुलना में इस प्रारूप में कुछ आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक सुधार किए गए हैं।
क्रम
मूल प्रारूप में विचारणीय विषय
संशोधित प्रारूप में अपनाया गया दृष्टिकोण
1
संस्थापक को आजीवन एकमात्र सदस्य घोषित करना
संस्थापक की भूमिका सुरक्षित रखते हुए सदस्यता को संविधानानुसार निर्धारित करना
2
घोषणा-पत्र एवं संविधान में भविष्य में किसी भी परिस्थिति में परिवर्तन न करने का कथन
मूल वैचारिक पहचान सुरक्षित रखते हुए विधिसम्मत संशोधन की व्यवस्था
3
संस्थापक को सभी बौद्धिक कृतियों पर पूर्ण एवं निरपेक्ष अधिकार देने का कथन
लागू बौद्धिक संपदा कानूनों के अधीन अधिकारों का संरक्षण
4
₹2 के टिकट, शपथपत्र तथा प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट आदि के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों का उल्लेख
सदस्यता एवं दस्तावेजी आवश्यकताओं को लागू निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित करना
5
एक ही घोषणा को अनेक अनुच्छेदों में दोहराना
स्थापना, पहचान, उद्देश्य, सदस्यता एवं प्रमाणीकरण को अलग-अलग शीर्षकों में व्यवस्थित करना
विशेष विधिक सावधानी
निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों में राजनीतिक दल के संविधान के लिए लोकतांत्रिक संगठनात्मक व्यवस्था, सदस्यता तथा निर्णय-प्रक्रिया का महत्त्व है। इसलिए संस्थापक की भूमिका को सुरक्षित रखते हुए भी ऐसी भाषा से बचना उचित है, जिसका अर्थ यह निकले कि संस्थापक को संगठन की प्रत्येक भावी गतिविधि पर अपरिवर्तनीय या निरपेक्ष अधिकार प्राप्त है। �
Election Commission of India
एक और महत्त्वपूर्ण विषय: आपके मूल दस्तावेज में स्थापना की तिथि 07 मार्च 2026 है। निर्वाचन आयोग के प्रकाशित दिशानिर्देशों में राजनीतिक दल के गठन के बाद आवेदन प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा का उल्लेख है। इसलिए यदि आवेदन अभी तक प्रस्तुत नहीं हुआ है, तो केवल इस संशोधित भाषा के आधार पर आवेदन की समयबद्धता की समस्या दूर नहीं होगी। वर्तमान में लागू प्रक्रिया और समय-सीमा के संबंध में निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट कराना आवश्यक होगा। �
Election Commission of India +1
मेरा सुझाव: इस प्रारूप को तीन पृष्ठों के मूल दस्तावेज का परिष्कृत प्रारूप माना जाए। इसे अंतिम रूप से प्रस्तुत करने से पहले दल के विस्तृत संविधान, वास्तविक संगठनात्मक व्यवस्था, सदस्यता अभिलेखों और निर्वाचन आयोग के वर्तमान आवेदन-प्रारूप के साथ मिलान करना चाहिए। इससे शैलज लोकतांत्रिक दल (Shailaj Democratic Party) की मूल वैचारिक पहचान भी सुरक्षित रहेगी और दस्तावेज की प्रशासनिक स्पष्टता भी बढ़ेगी।

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