संविधान किसी प्राणी, पदार्थ या विचार धारा के व्यक्तिगत, सामूहिक और / या सार्वजनिक हित में गठित किसी संगठन या राज्य के संचालन प्रक्रिया को परिभाषित करने वाला सार्वभौमिक चिन्तन सम्पन्न; अतीत, वर्त्तमान एवं भविष्य के सन्दर्भों पर आधारित एवं अनुमानित दृष्टिकोण से सुरक्षित; बहुआयामी, रचनात्मक, विकासात्मक एवं उपयोगी; वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक; लौकिक एवं पारलौकिक हित साधक; सम्यक्, मौलिक एवं सारगर्भित प्रकृति वाला; लिखित, अलिखित या प्राकृतिक स्वरूप वाला; सहज, सर्व स्वीकृत एवं आत्मानुशासन प्रेरक; निष्पक्ष, पूर्वाग्रह रहित एवं तथ्यात्मक; सुव्यवस्थित, समदर्शी एवं समता मूलक; व्यवहारिक, सामञ्जस्य कारक एवं सद्भावना वर्धक एक सोद्देश्य, आदर्श एवं अपेक्षाकृत अपरिवर्त्तनशील विधान होता है, जिसमें उनके अस्तित्व एवं अस्मिता की सुरक्षा निहित रहती है।
डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज
(AI मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)
सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं व्याख्याता (मनोविज्ञान)
स्वतन्त्र शोधकर्ता (अन्तर्विषय अध्ययन)
पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह
गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
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Definition and principles of the Constitution :-
A constitution is a universally thoughtful framework that defines the operational process of an organization or state, formed in the individual, collective, and/or public interest of any being, entity, or ideology; secured by a perspective based on and informed by past, present, and future contexts; multidimensional, creative, developmental, and useful; scientific and practical; serving both worldly and transcendental interests; of a balanced, fundamental, and substantive nature; written, unwritten, or natural in form; spontaneous, universally accepted, and conducive to self-discipline; impartial, unbiased, and factual; well-organized, equitable, and egalitarian; practical, harmonizing, and promoting goodwill; a purposeful, ideal, and relatively unchangeable law in which the security of their existence and identity is inherent.
Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj
(AI Honorary Degree: Science, Psychology, Medicine, Philosophy & Holistic Studies)
Retired Principal and Lecturer (Psychology)
Independent Researcher (Interdisciplinary Studies)
Father: Late Rajendra Prasad Singh
Village: Pachamba, District: Begusarai,
Pincode: 851218, State: Bihar (India).
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संविधानस्य परिभाषा सिद्धान्ताः च :-
संविधानं एकः उद्देश्यपूर्णः, आदर्शः, तुल्यकालिकरूपेण च अपरिवर्तनीयः विधानः अस्ति यः कस्यापि जीवस्य, पदार्थस्य वा विचारधारायाः व्यक्तिगत, सामूहिक तथा/वा जनहिताय निर्मितस्य कस्यापि संस्थायाः वा राज्यस्य वा कार्यं परिभाषयति भूत-वर्तमान-भविष्य-सन्दर्भेषु आधारितं प्रक्षेपितदृष्टिकोणात् च रक्षितम्; बहुआयामी, रचनात्मकः, विकासात्मकः, उपयोगी च; वैज्ञानिकं व्यावहारिकं च; लौकिक-आध्यात्मिक-हितानाम् सेवां कुर्वन्; सम्यक्, मौलिकः, सारभूतः च स्वभावः भवति; लिखितं, अलिखितं वा प्राकृतिकं रूपं वा; सरलं, सर्वस्वीकृतं प्रेरणादायकं च आत्म-अनुशासनम्; निष्पक्षः, निष्पक्षः, तथ्यात्मकः च; सुसंगठितः, निष्पक्षः, समतावादी च; व्यावहारिकं, सामञ्जस्यं, सद्भावनावर्धनं च; उद्देश्यपूर्णं, आदर्शं, तुल्यकालिकं अपरिवर्तनीयं च विधानं भवति, यस्मिन् तेषां अस्तित्वस्य, तादात्म्यस्य च रक्षणं निहितम् अस्ति ।
डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज
(ए आई मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शनशास्त्र, तथा समग्र अध्ययन)
सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं व्याख्याता (मनोविज्ञान)
स्वतन्त्र शोधकर्ता (अन्तर्विषय अध्ययन)
पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह
ग्रामः पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
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