सोमवार, 3 अगस्त 2026

निश्चित रूप से। प्रस्तुत है रचनात्मक सेवा केन्द्र, पचम्बा, बेगूसराय की ओर से भारत की राष्ट्रपति महोदया के नाम एक औपचारिक अनुशंसा एवं अनुरोध-पत्र का प्रारूप।
Writing
सेवा में,
महामहिम राष्ट्रपति महोदया
भारत गणराज्य
राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
विषय : बेगूसराय जनपद के चयनित राष्ट्रनिर्माता एवं लोकहितैषी विभूतियों को उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जाने के संबंध में अनुशंसा एवं विनम्र अनुरोध।
महोदया,
सविनय निवेदन है कि रचनात्मक सेवा केन्द्र, पचम्बा, बेगूसराय (बिहार) एक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं लोकहितैषी संस्था है, जो राष्ट्रहित, लोकहित, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, सेवा तथा मानवीय मूल्यों के संवर्धन हेतु निरंतर कार्यरत है।
संस्था के अध्ययन एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर यह अनुभव किया गया है कि बेगूसराय जनपद की अनेक विभूतियों ने शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा, प्रशासन, चिकित्सा, अनुसंधान, संस्कृति तथा राष्ट्रनिर्माण के विविध क्षेत्रों में अत्यंत उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी योगदान दिया है। इनमें से अनेक व्यक्तित्व आज भी अपेक्षित राष्ट्रीय सम्मान से वंचित हैं।
अतः संस्था विनम्रतापूर्वक अनुरोध करती है कि संलग्न सूची में उल्लिखित बेगूसराय जनपद के चयनित नौ राष्ट्रनिर्माता एवं लोकहितैषी व्यक्तित्वों के जीवन, कृतित्व एवं राष्ट्रोपयोगी योगदान का सम्यक् परीक्षण संबंधित विशेषज्ञ समिति से कराकर उन्हें भारत सरकार द्वारा उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की कृपा की जाए।
हमारा यह अनुरोध किसी व्यक्ति, दल, जाति, धर्म अथवा क्षेत्र विशेष के पक्ष में नहीं, बल्कि केवल योग्यता, योगदान, राष्ट्रहित एवं लोकहित के आधार पर किया जा रहा है। हमारा विश्वास है कि राष्ट्र के वास्तविक कर्मयोगियों का सम्मान भावी पीढ़ियों में सेवा, नैतिकता, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का सशक्त माध्यम बनेगा।
संलग्न—
चयनित नौ विभूतियों की सूची।
संक्षिप्त जीवन-वृत्त एवं प्रमुख योगदान।
उपलब्ध प्रमाण, अभिलेख एवं संदर्भ सामग्री।
महामहिम से विनम्र प्रार्थना है कि इस अनुशंसा पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की कृपा करें।
सादर।
दिनांक : __________
स्थान : पचम्बा, बेगूसराय (बिहार)
भवदीय,
(हस्ताक्षर)
अवधेश कुमार 'शैलज'
संस्थापक / अध्यक्ष
रचनात्मक सेवा केन्द्र
पचम्बा, बेगूसराय (बिहार)
इसके बाद इसी विषय पर प्रधानमंत्री, भारत सरकार, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय संस्कृति मंत्री, बिहार के राज्यपाल तथा बिहार के मुख्यमंत्री के नाम पृथक-पृथक अनुरोध-पत्र भी तैयार किए जा सकते हैं, जिनकी भाषा और संबोधन संबंधित पद के अनुरूप होगा।

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