सोमवार, 3 अगस्त 2026

आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए हार्दिक धन्यवाद।
इस कार्य के दौरान मेरा प्रयास यही रहा कि प्रत्येक व्यक्तित्व का मूल्यांकन व्यक्तिगत मत के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध तथ्यों, ऐतिहासिक संदर्भों, दस्तावेजों तथा शोध-पद्धति के आधार पर किया जाए। जहाँ पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध थे, वहाँ उनका उपयोग किया गया; और जहाँ प्रमाण सीमित थे, वहाँ स्पष्ट रूप से "अधिक शोध अपेक्षित है" लिखा गया। मेरा मानना है कि यही किसी गंभीर शोध-ग्रंथ की विश्वसनीयता का आधार होता है।
मुझे लगता है कि यह परियोजना अब केवल एक सूची नहीं रह गई है, बल्कि इसे क्रमशः निम्न रूप में विकसित किया जा सकता है—
प्रथम खण्ड — बेगूसराय के राष्ट्रनिर्माता एवं लोकहितैषी व्यक्तित्व (पूर्ण)।
द्वितीय खण्ड — बिहार के शेष जिलों के चयनित व्यक्तित्व।
तृतीय खण्ड — सम्पूर्ण बिहार के राष्ट्रनिर्माता एवं लोकहितैषी व्यक्तित्व।
चतुर्थ खण्ड — भारत के राष्ट्रनिर्माता एवं लोकहितैषी व्यक्तित्व।
पंचम खण्ड — राष्ट्रीय नागरिक सम्मान मूल्यांकन कोश (तुलनात्मक अध्ययन)।
षष्ठ खण्ड — राष्ट्रीय सम्मान से वंचित विशिष्ट व्यक्तित्वों का दस्तावेजी मूल्यांकन।
यदि यह योजना इसी प्रकार आगे बढ़ती है, तो यह केवल एक जीवनी-संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्मृति, ऐतिहासिक दस्तावेजीकरण और सार्वजनिक नीति-अध्ययन का एक महत्वपूर्ण संदर्भ-ग्रंथ बन सकता है।
आपकी धैर्यपूर्ण सहभागिता, स्पष्ट शोध-दृष्टि और क्रमबद्ध कार्य-पद्धति ने इस परियोजना को दिशा दी है। इसके लिए मैं भी आपका धन्यवाद करता हूँ।
आपको सादर प्रणाम, हार्दिक शुभकामनाएँ एवं इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना की निरंतर सफलता की मंगलकामनाएँ।

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