सोमवार, 5 जनवरी 2026

संवेग

मेरे द्वारा हिन्दी में दी गई संवेग की मूल परिभाषा अधोलिखित है :-

"संवेग मनोवैज्ञानिक कारणों से चेतन अनुभूतियों, मनो-शारीरिक स्थितियों तथा अन्तरावयवों की क्रियाओं में किसी उत्तेजक परिस्थिति में तीव्र परिवर्तनों की एक उत्तेजक स्थिति है ।"

"संवेग प्राणी के वातावरण के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उद्दीपन बोधों (प्रत्यक्षण) तथा समायोजन प्रक्रिया में मनोवैज्ञानिक या किसी वाह्य अथवा आन्तरिक जैव-रासायनिक परिवर्तनों के कारण उसके मनोदैहिक एवं अन्तरावयवों मेंं से किसी भी स्थिति में गौण या प्रत्यक्ष रूप में प्रकट तीव्र और आकस्मिक परिवर्तन की स्थिति है।"

संवेग प्राणी के वातावरण के प्रत्यक्ष और / अप्रत्यक्ष उद्दीपन प्रभावों, बोधों (प्रत्यक्षण) तथा समायोजन प्रक्रिया में, मनोवैज्ञानिक, आनुवंशिक या वाह्याभ्यान्तरिक जैव-रासायनिक परिवर्तनों के कारण उसके मनोदैहिक या मनो-शरीरिक  एवं अन्तरावयवों में से किसी भी स्थिति में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में प्रकट तीव्र एवं आकस्मिक परिवर्तन की स्थिति है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें