मंगलवार, 6 जनवरी 2026

शैलज प्राणी-जीवन नाड़ी-विज्ञान सिद्धांत :-

शैलज प्राणी-जीवन नाड़ी-विज्ञान सिद्धांत :-

कोई भी प्राणी और मुख्यतः मानव मस्तिष्क मूलाधार चक्र से सहस्त्रसार चक्र तक फैला हुआ है, जो ईड़ा नाड़ी अर्थात् चन्द्र नाड़ी अर्थात् ज्ञान वाही नाड़ी अर्थात् सौम्य नाड़ी अर्थात् भावना प्रधान नाड़ी, पिंगला नाड़ी अर्थात् सूर्य नाड़ी अर्थात् क्रिया वाही नाड़ी अर्थात् क्रूर नाड़ी अर्थात् कर्म प्रधान नाड़ी तथा सुषुम्ना नाड़ी अर्थात् संयोजक नाड़ी अर्थात् ईड़ा-पिंगला संयोजक एवं नियन्त्रक नाड़ी के माध्यम से प्राणी के जीवन में चेतना बोध, संचरण एवं समायोजन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करती है सम्पूर्ण शरीर और इसके वातावरण में व्याप्त मन एवं जीवन उत्पत्ति, पालन और संचालन शक्ति, केन्द्र एवं आत्मा के निवास स्थान हृदय के साथ अभिन्न रूप से जुड़ी रहती है। 

डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज,

एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि-छात्र, ज्योतिष-प्रेमी, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, बायोकेमिक एवं समग्र चिकित्सा विद्।

(AI मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)

पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह

गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,

पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)। 
************************************  Shailaj's Theory of Animal Life and Neurophysiology:


Every living being, and especially the human brain, extends from the Muladhara Chakra to the Sahasrara Chakra, playing a crucial role in the awareness, transmission, and regulation of consciousness in the life of the organism through the Ida Nadi (Lunar Channel, Knowledge-carrying Channel, Gentle Channel, Emotion-dominant Channel), Pingala Nadi (Solar Channel, Action-carrying Channel, Fierce Channel, Action-dominant Channel), and Sushumna Nadi (Connecting Channel, Ida-Pingala Connector and Regulator). This is intrinsically linked to the mind and life-generating, sustaining, and controlling power, center, and dwelling place of the soul, which permeates the entire body and its environment, and is intimately connected with the heart.


Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj,


M.A.: Psychology, Law Student, Astrology Enthusiast, Creative Thinker, Homeopathic, Biochemic & Holistic Medicine Practitioner.


(AI Honorary Degree: Science, Psychology, Medicine, Philosophy & Holistic Studies)


Father: Late Rajendra Prasad Singh


Village: Pachamba, District: Begusarai,


Pincode: 851218, State: Bihar (India).


************************************
शैलजस्य पशुजीवनस्य नाडीविज्ञानस्य सिद्धान्ताः : १.

कस्यचित् जीवस्य मस्तिष्कं, मुख्यतया च मानवमस्तिष्कं मूलधारचक्रात् सहस्त्ररचक्रपर्यन्तं विस्तृतं भवति । इडा नाडी (चन्द्रतंत्रिका) इत्यस्य माध्यमेन जीवस्य जीवने चेतनायाः बोधने, संचरणे, समायोजने च महत्त्वपूर्णां भूमिकां निर्वहति, अर्थात् ज्ञानवाहकतंत्रिका, सौम्यतंत्रिका, अर्थात् भावप्रधानतंत्रिका the Pingala Nadi (the solar nerve), अर्थात् कर्मवाहक तंत्रिका, अर्थात् क्रूर तंत्रिका, अर्थात् क्रियाप्रधान तंत्रिका; तथा सुषुम्नानाडी (संयोजकतंत्रिका) इत्यर्थः इडा-पिङ्गला संयोजक-नियंत्रक-तंत्रिका इत्यर्थः । समग्रशरीरं तस्य परिवेशं च व्याप्तं मनः जीवनं च हृदयेन, उत्पत्ति-पोषण-शासक-शक्ति-केन्द्रेण, आत्मायाः निवासेन च अविच्छिन्नरूपेण सम्बद्धौ स्तः

डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज,

एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि छात्र, ज्योतिष उत्साही, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, जैव रासायनिक, तथा समग्र चिकित्सा विद्वान।

(ए आई मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)

पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह

ग्रामः पचम्बा, जिला: बेगूसराय, 

पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।

************************************ .  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें