हृदय हीन, विवेक बिन;
नर पशु से भी नीच।
शैलज पाते दुसह दु:ख,
सुजन मूर्ख के बीच।।१६।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
१८/०८/२०२०, १०/२१ पूर्वाह्न।
सत्यानुसंधान उद्घाटन,
जग मिथ्या नित्य प्रयोग।
शैलज व्यवहार व्यतिक्रम,
प्रकृति विरुद्ध संयोग।।२४।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
२३/०८/२०२०, १७/२२ अपराह्न।
शैलज शील, स्वभाव, गुण;
नित्य जगत् व्यवहार।
विकसत पाय परिस्थिति;
प्रकृति, वंश अनुसार।।२७।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
२५/०८/२०२०, ०७/२० पूर्वाह्न।
शैलज निज व्यवहार से,
दु:ख औरन को देत।
जानत जगत् असार है,
अपजस केवल लेत।।२८।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
२७/०८/२०२०,
मनो-शारीरिक, धर्म हित,
करें शैलज व्यवहार।
देश, काल और पात्र के
सामञ्जस्य अनुसार।।३०।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
२०/०८/२०२०, १३/२१ अपराह्न।
स्वयं करने से सरल है,
सहज सरल आदेश।
शैलज लिखना, बोलना,
दर्शन, आदर्श, उपदेश।।३१।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
१८/०८/२०२०, १६/१३ अपराह्न।
हित अनहित को समझ कर,
शैलज करिये काज।
पर दु:ख को निज मानकर,
चलते सुजन समाज।।३३।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
१४/०८/२०२०, १२/१८ अपराह्न।
शैलज तन मन धन निज
बुद्धि सहाय विवेक।
स्वार्थ पूर्ण इस जगत् में
प्रभु सहाय हैं एक।।३५।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
१३/०८/२०२०, ४/२३ पूर्वाह्न।
शैलज उनसे मत कहो,
अपने दिल की बात।
जग प्रपंच में लीन जो,
कहाँ उन्हें अवकाश।।३७।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
१२/०८/२०२०, ११/०७ पूर्वाह्न।
शैलज निज सुख के लिए,
समुचित करिये काम।
परहित बाधित हो नहीं,
हर संभव रखिये ध्यान।।३९।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
०९/०८/२०२०, १८/१९ अपराह्न।
शैलज हृदय विचार कर, नित करिये व्यवहार।
देश काल औ पात्र का, निशि दिन करें विचार।।४१।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
०९/०८/२०२०, ०९/०८पूर्वाह्न।
सत्य सनातन रामरस,
लवण विश्व विख्यात।
त्रिविध ताप हर प्रेम रस,
त्यों शैलज को भात।।४३।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
२८/०८/२०२०, ०८/४३ पूर्वाह्न।
शैलज रूप स्वरूप या
जगत् कार्य व्यवहार।
निर्भर करता चयापचय
या क्षति-पूर्ति आधार।।४४।।
काजल करिये ठौर से,
नयन पलक के द्वार।
शैलज राज श्री सुखद,
शुभ पावन व्यवहार।।४७।।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
पचम्बा, बेगूसराय।
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