बहुत ऐसे रोगी होते हैं जो सक्षम होते हुए भी अपने लक्षणों को नहीं बता पाते हैं या नहीं बताना चाहते हैं।
सोमवार, 12 जनवरी 2026
आनुवंशिक कारणों को चुनौती और सम्यक् मुक्त साहचर्य चिकित्सा से निदान
महात्मा हैनीमैन कहते हैं कि रोगी की चिकित्सा उसके पूर्वजों के में भी जानकारी लेकर करनी चाहिए, परन्तु आधुनिक समय में तो वे किशोर किशोरियाँ जिनको अभी अपने और संसार को समझने का होश भी नहीं हुआ है, वे भी अपने माता पिता, भाई बन्धु, अभिभावक गण को प्रायः Out dated घोषित कर रहे हैं या उनका नाम भी नहीं बता पाते हैं और उनकी मृत्यु के बाद वे अब स्वर्गीय नहीं होकर स्मृति- शेष हो चुके होते हैं। ऐसी परिस्थिति में रोगी आनुवंशिक इतिहास की जनकारी प्राप्त करना अत्यंत कठिन हो गया है।
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