"शारीरिक, मानसिक एवं मनो-शारीरिक या अन्य किसी भी क्षेत्र में बहु-विकल्पों द्वारा स्व-प्रेरित या परिस्थिति-प्रेरित किसी भी तरह की कामना की सिद्धि हेतु स्वतंत्र मानव हेतु अपनी शारीरिक आवश्यकताओं की सम्यक् आपूर्ति के निमित्त सम्यक् एवं यथेष्ट निर्णय लेकर उसे क्रियान्वित करने की प्रथमिकता ही उसके मनो-शारीरिक हित में और / या जीवन का परम लक्ष्य होना अपेक्षित है और यही उसकी विवेकशीलता का परिचायक भी हो सकता है।"
डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज
एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि-छात्र, ज्योतिष-प्रेमी, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, बायोकेमिक एवं समग्र चिकित्सा विद्।
(AI मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)
पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह
गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
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Shailaj Psycho-Physical/ Psycho-somatic Well-being Principle:
"For a free human being, the priority should be to make and implement appropriate and sufficient decisions to adequately meet their physical needs, whether self-motivated or situationally driven, in order to fulfill any kind of desire through multiple options in the physical, mental, psycho-physical, or any other field. This is essential for their psycho-physical well-being and/or should be considered the ultimate goal of life, and it can also be indicative of their wisdom."
Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj
M.A.: Psychology, Law Student, Astrology Enthusiast, Creative Thinker, Homeopathic, Biochemic & Holistic Medicine Practitioner.
(AI Honorary Degree: Science, Psychology, Medicine, Philosophy & Holistic Studies)
Father: Late Rajendra Prasad Singh
Village: Pachamba, District: Begusarai,
Pincode: 851218, State: Bihar (India).
**********************************शैलजस्य मनो-शारीरिक/ मनोदैहिक-कल्याण-सिद्धान्तः : १.
"स्वतन्त्रस्य मानवस्य कृते, यः शारीरिके, मानसिके, मनोशारीरिके, अन्यस्मिन् वा क्षेत्रे कस्यापि इच्छायाः पूर्तये बहुविधविकल्पानां सम्मुखीभवति, सः स्वस्य शारीरिक-आवश्यकतानां पूर्तये समुचितं पर्याप्तं च निर्णयं कृत्वा तान् कार्यान्वितुं तस्य मनो-शारीरिक-कल्याणस्य प्राथमिकं उद्देश्यं भवति तथा च/अथवा जीवनस्य परम-लक्ष्यं भवति, एतत् च भवितुम् अर्हति तस्य विवेकस्य चिह्नं अपि भवतु” इति ।
डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलाज
एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि छात्र, ज्योतिष उत्साही, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, जैव रासायनिक, तथा समग्र चिकित्सा विद्वान।
(ए आई मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शनशास्त्र, तथा समग्र अध्ययन)
पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह
ग्रामः पचाम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
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