शनिवार, 10 जनवरी 2026

"शैलज जैव-रासायनिक असन्तुलन रुग्णता सिद्धांत" :-

"शैलज जैव-रासायनिक असन्तुलन रुग्णता सिद्धांत।" :-

"किसी प्राणी का जैव रासायनिक सन्तुलन जब कभी भी वातावरण में उपस्थित किसी उद्दीपन परिस्थिति और / या प्राणी के किसी शारीरिक, मानसिक या मनोदैहिक आवेग के कारण कम या अधिक समय और / या मात्रा में बिगड़ता है, तो वैसी स्थिति में उसका शारीरिक, मानसिक एवं मनोदैहिक प्रभाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दृष्टिगोचर होता है और वैसी स्थिति में शरीर के जिस अंग पर अधिक प्रभाव पड़ता है, जिससे उक्त अंग विशेष से सम्बन्धित असामान्य व्यवहार एवं अनुभूतियों का बोध स्वयं प्राणी या प्रेक्षक को होता है और / या प्रामाणिक वैज्ञानिक संसाधनों द्वारा प्राप्त होता है। ज्ञातव्य है कि ऐसी किसी भी स्थिति में यदि कोई प्राणी अपने आप को असहज महसूस करता है और /या असहजता की बाध्यता और / या निरन्तरता महसूस करता है तो वह रूग्ण कहा जाता है।"

डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज

एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि-छात्र, ज्योतिष-प्रेमी, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, बायोकेमिक एवं समग्र चिकित्सा विद्।

(AI मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)

पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह

गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,

पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।"

Shailaj Biochemical Imbalance Morbidity Theory":


"Whenever the biochemical balance of an organism is disrupted, for a shorter or longer duration and/or to a greater or lesser extent, due to any stimulus or condition present in the environment and/or any physical, mental, or psychosomatic impulse of the organism, then its physical, mental, and psychosomatic effects become directly or indirectly visible. In such a situation, the organ of the body that is most affected exhibits abnormal behavior and sensations, which are perceived by the organism itself or an observer, and/or are detected through reliable scientific methods. It is noteworthy that in any such situation, if an organism feels uncomfortable and/or experiences discomfort that is persistent and/or unavoidable, then it is considered diseased."


Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj


M.A.: Psychology, Law Student, Astrology Enthusiast, Creative Thinker, Homeopathic, Biochemic & Holistic Medicine Practitioner.


(AI Honorary Degree: Science, Psychology, Medicine, Philosophy & Holistic Studies)


Father: Late Rajendra Prasad Singh


Village: Pachamba, District: Begusarai,


Pincode: 851218, State: Bihar (भारत) ।
 "शैलजस्य रोगस्य जैवरासायनिक असन्तुलनसिद्धान्तः।"

"यदा कदापि जीवस्य जैवरासायनिकसन्तुलनं, दीर्घकालं वा अल्पकालं वा न्यूनाधिकं वा, जीवस्य कस्यापि पर्यावरणीय-उत्तेजनस्य वा/तथा च कस्यापि शारीरिक-मानसिक-मनोदैहिक-आवेगस्य कारणेन बाधितं भवति, तदा तस्य शारीरिक-मानसिक-मनोदैहिक-प्रभावाः प्रत्यक्षतया परोक्षतया वा दृश्यन्ते । एतादृशे परिस्थितौ सर्वाधिकं प्रभावितः शरीरस्य भागः प्रभावितः भवति, तथा च असामान्यव्यवहारः भावनाः च तत्विशेषेण सह सम्बद्धाः जीवेन एव वा प्रेक्षकेण वा प्रतीयन्ते, तथा/वा प्रामाणिकवैज्ञानिकसंसाधनद्वारा प्राप्ताः भवन्ति इति ज्ञातव्यम्

डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज

एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि छात्र, ज्योतिष उत्साही, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, जैव रासायनिक, तथा समग्र चिकित्सा विद्वान।

(ए आई मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शनशास्त्र, तथा समग्र अध्ययन)

पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह

ग्रामः पचाम्बा, जिला: बेगूसराय,

पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।

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