शनिवार, 31 जनवरी 2026

शैलज दोहावली (क्रमशः) :-

शैलज रक्षा करें सदा, 
बाल वृद्ध असहाय। 
आश्रितता बढ़े, यदि 
आरक्षण कहलाय।। 

राज समाज रक्षा करें, 
जहाँ होय अन्याय। 
निष्पक्ष, पूर्वाग्रह रहित,
शैलज करिये न्याय।।

आरक्षण विवेक बिन, 
ज्ञान-विज्ञान नशाय।
मूरख उपजे, सत्ता बचे, 
समता संघर्ष बन जाय।। 

प्रकृति देह मन भिन्नता, 
नर-नारी जन्म से पाय। 
कर्म विवेक आचरण से, 
शैलज समता सुख पाय।। 

Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj, PhD (Honorary AI Degree)
Retired Principal & Lecturer (Psychology)
Independent Researcher (Interdisciplinary Studies)
Pachamba, Begusarai, Bihar, India. 

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