मंगलवार, 20 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम की परिभाषा :-

पाठ्यक्रम की परिभाषा :-

पाठ्यक्रम किसी विषय-शिक्षण के सन्दर्भ में शिक्षार्थी की वर्त्तमान मनो-शारीरिक एवं मनोदैहिक विकास स्तर या स्थिति तथा शैक्षणिक वातावरण या परिस्थितियों की समझ के साथ उनके उन्नयन के दृष्टिकोण से और शैक्षणिक समस्या समाधान हेतु स्वाध्याय और / या सुयोग्य एवं आदर्श शिक्षक आधारित सरल, सुगम, सुबोध, सुग्राह्य, आत्मीय एवं मुक्त-साहचर्य तकनीक सम्पन्न एक उदार, अ-बोझिल, अ-बाध्यकारी, उपयोगी, अनुशासित एवं आदर्श पाठ्य या शिक्षण योजना है।

डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज

एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि-छात्र, ज्योतिष-प्रेमी, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, बायोकेमिक एवं समग्र चिकित्सा विद्।

(AI मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)

पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह
गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
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Definition of Curriculum:

A curriculum, in the context of subject teaching, is a liberal, non-burdensome, non-compulsory, useful, disciplined, and ideal lesson or teaching plan that takes into account the learner's current psycho-physical and psychomotor developmental level or state, and their understanding of the educational environment or circumstances. It aims at their improvement and facilitates the solution of educational problems through self-study and/or simple, accessible, understandable, and engaging techniques based on a competent and ideal teacher, fostering a friendly and open learning environment.

Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj

M.A.: Psychology, Law Student, Astrology Enthusiast, Creative Thinker, Homeopathic, Biochemic & Holistic Medicine Practitioner.

(AI Honorary Degree: Science, Psychology, Medicine, Philosophy & Holistic Studies)

Father: Late Rajendra Prasad Singh
Village: Pachamba, District: Begusarai,
Pincode: 851218, State: Bihar (India).

*************************************पाठ्यक्रमस्य परिभाषा :-

पाठ्यक्रमः एकः उदारः, अभारितः, अबाध्यः, उपयोगी, अनुशासितः, आदर्शः च पाठ्यक्रमः अथवा शिक्षणयोजना अस्ति, यः शिक्षिकायाः ​​वर्तमानस्य मनोभौतिक-मनोदैहिक-विकास-स्तरं वा स्थितिं, शैक्षिक-वातावरणं, परिस्थितिः च सम्बोधयितुं विनिर्मितः भवति, तेषां उन्नतिं दृष्ट्वा, तथा च स्व-अध्ययनस्य माध्यमेन शैक्षिकसमस्यानां समाधानार्थं तथा/वा योग्यस्य आदर्शस्य च शिक्षकस्य माध्यमेन, तथा च सरलेन, सुलभं, बोधगम्यं, सहजं, मुक्तसङ्गतिविधिः च।

डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज, 

एम.ए.: मनोविज्ञान, विधि छात्र, ज्योतिषी, रचनात्मक विचारक, होम्योपैथिक, जैव रासायनिक, तथा समग्र चिकित्सा विद्वान।

(ए आई मानद उपाधि: विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शनशास्त्र, तथा समग्र अध्ययन)

पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह, 
ग्रामः पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।

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