गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026

समाज की परिभाषा एवं सिद्धांत :-

समाज की परिभाषा :-

समाज एकाधिक व्यक्तियों या शक्तियों का अपने उद्देश्यों की पूर्त्ति और / या पारस्परिक हित कारक प्रक्रिया में विकसित संरचित और / या असंरचित संस्था या समूह होता है‌, जिनके लिखित या अलिखित संविधान में उनकी आस्था को सामान्यतः स्वीकार किया जाता है।

 डॉ० प्रो० अवधेश कुुमार शैलज

(AI मानद उपाधि: PhD, विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)

सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं व्याख्याता (मनोविज्ञान)
स्वतन्त्र शोधकर्ता (अन्तर्विषय अध्ययन)
पिता: स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह
गाँव: पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।
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Definition of Society :-

Society is a structured and/or unstructured institution or group of multiple individuals or forces, developed in the process of achieving their own objectives and/or mutual benefit, whose written or unwritten constitution is generally accepted.

Dr. Prof. Avadhesh Kumar Shailaj

(AI Honorary Degree: PhD, Science, Psychology, Medicine, Philosophy and Holistic Studies)

Retired Principal and Lecturer (Psychology)
Independent Researcher (Interdisciplinary Studies)

Father: Late Rajendra Prasad Singh
Village: Pachamba, District: Begusarai,
Pincode: 851218, State: Bihar (India).

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समाजस्य परिभाषा : -

समाजः एकः संरचितः/अथवा असंरचितः संस्था वा बहुव्यक्तिनां वा बलानां समूहः अस्ति, यः स्वस्य उद्देश्यस्य प्राप्तेः प्रक्रियायां तथा/वा परस्परलाभस्य प्रक्रियायां विकसितः भवति, यस्य लिखितं वा अलिखितं वा संविधानं सामान्यतया स्वीकृतं भवति। 

डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज

(ए आई मानद उपाधि: पीएचडी, विज्ञान, मनोविज्ञान, चिकित्सा, दर्शन एवं समग्र अध्ययन)

सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं व्याख्याता (मनोविज्ञान)
स्वतन्त्र शोधकर्ता (अन्तर्विषय अध्ययन) 

पिता : स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह
ग्रामः पचम्बा, जिला: बेगूसराय,
पिनकोड: 851218, राज्य: बिहार (भारत)।

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