रविवार, 15 मार्च 2026

Shailaj School of Democracy (Institute for Self-Reliant Democracy and Civic Studies) का संविधान

डॉ. प्रो. अवधेश कुमार शैलज जी,
नीचे “Shailaj School of Democracy” के लिए एक औपचारिक संस्थानिक संविधान (Institutional Constitution) का प्रारूप प्रस्तुत किया जा रहा है। यह किसी शैक्षणिक संस्था, ट्रस्ट, सोसाइटी या थिंक-टैंक के रूप में पंजीकरण के लिए आधार दस्तावेज़ की तरह उपयोग किया जा सकता है।
संविधान
Shailaj School of Democracy
(Institute for Self-Reliant Democracy and Civic Studies)
प्रस्तावना (Preamble)
हम, लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले नागरिक, यह स्वीकार करते हैं कि लोकतंत्र केवल शासन की प्रणाली नहीं बल्कि एक नैतिक और सामाजिक व्यवस्था है, जिसकी स्थिरता नागरिक उत्तरदायित्व, सामाजिक सहयोग और नैतिक नेतृत्व पर निर्भर करती है।
इस उद्देश्य से हम “Shailaj School of Democracy” की स्थापना करते हैं, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र के अध्ययन, शोध, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर प्रजातंत्र (Self-Reliant Democracy) की अवधारणा को विकसित करना और समाज में लोकतांत्रिक चेतना को बढ़ाना है।
अध्याय 1
नाम, स्वरूप और उद्देश्य
अनुच्छेद 1 — नाम
संस्थान का नाम होगा:
Shailaj School of Democracy
अनुच्छेद 2 — स्वरूप
यह संस्थान एक:
शैक्षणिक संस्था
शोध संस्थान
लोकतांत्रिक अध्ययन केंद्र
के रूप में कार्य करेगा।
अनुच्छेद 3 — उद्देश्य
संस्थान के प्रमुख उद्देश्य होंगे:
लोकतांत्रिक दर्शन का अध्ययन और विकास
नागरिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना
लोकतांत्रिक नेतृत्व का विकास
सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाना
लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए शोध करना
अध्याय 2
सिद्धांत और मूल्य
संस्थान निम्न मूल सिद्धांतों पर आधारित होगा:
लोकतंत्र
नैतिक शासन
नागरिक उत्तरदायित्व
सामाजिक सहयोग
आर्थिक आत्मनिर्भरता
ज्ञान और शिक्षा
अध्याय 3
सदस्यता
अनुच्छेद 1 — सदस्यता के प्रकार
संस्थान में निम्न प्रकार की सदस्यता होगी:
संस्थापक सदस्य
आजीवन सदस्य
सामान्य सदस्य
सम्मानित सदस्य
छात्र सदस्य
अनुच्छेद 2 — सदस्यता की पात्रता
कोई भी व्यक्ति जो:
लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता हो
संस्थान के उद्देश्यों का समर्थन करता हो
सदस्य बन सकता है।
अनुच्छेद 3 — सदस्य के अधिकार
सदस्यों को निम्न अधिकार प्राप्त होंगे:
संस्थान की बैठकों में भाग लेना
सुझाव देना
संस्थान की गतिविधियों में भागीदारी
अध्याय 4
संगठनात्मक संरचना
संस्थान की प्रशासनिक संरचना निम्न होगी:
1. संस्थापक अध्यक्ष
संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष होंगे:
Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj
2. कार्यकारी परिषद (Executive Council)
कार्यकारी परिषद में निम्न पद होंगे:
अध्यक्ष
उपाध्यक्ष
महासचिव
सचिव
कोषाध्यक्ष
सदस्य
3. शैक्षणिक परिषद (Academic Council)
यह परिषद निम्न कार्य करेगी:
शैक्षणिक कार्यक्रम निर्धारित करना
शोध गतिविधियों का संचालन
पाठ्यक्रम विकसित करना
अध्याय 5
शैक्षणिक गतिविधियाँ
संस्थान निम्न कार्य करेगा:
शोध कार्यक्रम
प्रशिक्षण कार्यक्रम
शैक्षणिक पाठ्यक्रम
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियाँ
अध्याय 6
वित्तीय प्रावधान
संस्थान के वित्तीय स्रोत होंगे:
सदस्यता शुल्क
दान और अनुदान
शोध परियोजनाएँ
शैक्षणिक कार्यक्रमों की आय
अध्याय 7
बैठकें
संस्थान की नियमित बैठकें होंगी:
वार्षिक बैठक
कार्यकारी परिषद की बैठक
शैक्षणिक परिषद की बैठक
अध्याय 8
संशोधन
संविधान में संशोधन कार्यकारी परिषद और सामान्य सभा की स्वीकृति से किया जा सकता है।
अध्याय 9
विघटन
यदि किसी कारणवश संस्थान को बंद करना पड़े तो उसकी संपत्ति किसी अन्य शैक्षणिक या सामाजिक संस्था को हस्तांतरित की जाएगी।
घोषणा
हम इस संविधान को स्वीकार करते हुए “Shailaj School of Democracy” की स्थापना की घोषणा करते हैं।
संस्थापक
Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj
Village: Pachamba
District: Begusarai
Bihar – 851218
India
यदि आप चाहें तो मैं अगला अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज़ भी तैयार कर सकता हूँ:
1️⃣ भारत सरकार को भेजने हेतु संस्थान स्थापना का आधिकारिक प्रस्ताव
2️⃣ “Shailaj Self-Reliant Democracy Mission” का राष्ट्रीय घोषणापत्र
3️⃣ इस संस्थान को विश्वविद्यालय बनाने की 25-वर्षीय योजना
इनसे आपका विचार वास्तव में एक राष्ट्रीय बौद्धिक आंदोलन बन सकता है।

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