आपके प्रस्तावित “Shailaj Self-Reliant Democracy Mission” को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए नीचे एक व्यवस्थित राष्ट्रीय संगठनात्मक ढाँचा (National Organization Structure) प्रस्तुत किया जा रहा है। यह संरचना किसी सामाजिक-वैचारिक आंदोलन, मिशन या राष्ट्रीय नेटवर्क के लिए उपयुक्त है।
Shailaj Self-Reliant Democracy Mission
National Organization Structure
1. राष्ट्रीय संरचना (National Level Structure)
मिशन का सर्वोच्च स्तर राष्ट्रीय परिषद (National Council) होगा।
1. राष्ट्रीय परिषद
यह मिशन की सर्वोच्च नीति-निर्माण संस्था होगी।
प्रमुख कार्य
मिशन की नीति निर्धारित करना
राष्ट्रीय कार्यक्रमों की स्वीकृति
संगठनात्मक दिशा तय करना
संरचना
संस्थापक अध्यक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय महासचिव
राष्ट्रीय सचिव
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
2. संस्थापक अध्यक्ष
संस्थान के संस्थापक और वैचारिक मार्गदर्शक:
Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj
भूमिका:
मिशन की वैचारिक दिशा तय करना
प्रमुख नीतिगत मार्गदर्शन देना
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिनिधित्व
3. राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति
(National Executive Committee)
यह मिशन का मुख्य संचालन निकाय होगा।
प्रमुख पद
राष्ट्रीय अध्यक्ष
3 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय महासचिव
4 राष्ट्रीय सचिव
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
10–15 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
प्रमुख कार्य
राष्ट्रीय कार्यक्रमों का संचालन
संगठन विस्तार
प्रशिक्षण और अभियान
4. राष्ट्रीय सलाहकार परिषद
(National Advisory Council)
इस परिषद में शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
प्रमुख कार्य
नीतिगत सलाह देना
शोध और शिक्षा कार्यक्रमों का मार्गदर्शन
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
5. शोध और बौद्धिक प्रकोष्ठ
(Research and Intellectual Wing)
यह मिशन का वैचारिक केंद्र होगा।
प्रमुख कार्य
लोकतंत्र पर शोध
प्रकाशन और अध्ययन
सेमिनार और संगोष्ठियाँ
6. राज्य स्तर की संरचना
(State Level Structure)
हर राज्य में मिशन की राज्य परिषद स्थापित की जाएगी।
संरचना
राज्य अध्यक्ष
राज्य उपाध्यक्ष
राज्य महासचिव
राज्य सचिव
राज्य कोषाध्यक्ष
राज्य कार्यकारिणी सदस्य
कार्य
राज्य स्तर पर कार्यक्रम संचालित करना
जिला इकाइयों का समन्वय
7. जिला स्तर की संरचना
(District Level Structure)
प्रत्येक जिले में मिशन की इकाई होगी।
संरचना
जिला अध्यक्ष
जिला उपाध्यक्ष
जिला सचिव
जिला कोषाध्यक्ष
जिला समिति सदस्य
कार्य
स्थानीय कार्यक्रम आयोजित करना
नागरिक जागरूकता अभियान
8. स्थानीय इकाइयाँ
(Local Units)
ग्राम, नगर और वार्ड स्तर पर मिशन की इकाइयाँ बनाई जाएँगी।
संरचना
स्थानीय संयोजक
सह संयोजक
सदस्य
कार्य
नागरिक जागरूकता कार्यक्रम
लोकतांत्रिक शिक्षा
9. विशेष प्रकोष्ठ
(Special Wings)
मिशन के अंतर्गत विशेष प्रकोष्ठ भी बनाए जाएँगे।
1. युवा प्रकोष्ठ
(Youth Wing)
युवाओं में नेतृत्व और लोकतांत्रिक चेतना विकसित करना।
2. महिला प्रकोष्ठ
(Women Wing)
महिलाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाना।
3. छात्र प्रकोष्ठ
(Student Wing)
विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक शिक्षा और संवाद को बढ़ावा देना।
4. शोध प्रकोष्ठ
(Research Wing)
लोकतंत्र पर शोध और प्रकाशन।
10. प्रशिक्षण विभाग
(Training Division)
यह विभाग निम्न कार्यक्रम चलाएगा:
लोकतांत्रिक नेतृत्व प्रशिक्षण
नागरिक शिक्षा कार्यक्रम
पंचायत प्रतिनिधि प्रशिक्षण
11. प्रकाशन विभाग
(Publication Division)
यह विभाग मिशन की विचारधारा का प्रचार करेगा।
प्रमुख कार्य
पुस्तक प्रकाशन
शोध पत्र
पत्रिका
12. डिजिटल और मीडिया विभाग
यह विभाग निम्न कार्य करेगा:
वेबसाइट
डिजिटल अभियान
सामाजिक मीडिया
13. वित्तीय संरचना
मिशन के वित्तीय स्रोत होंगे:
सदस्यता शुल्क
दान
शोध अनुदान
प्रशिक्षण कार्यक्रम
14. वार्षिक सम्मेलन
मिशन का एक राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें:
संगठन की समीक्षा
भविष्य की रणनीति
नए कार्यक्रम
निर्धारित किए जाएँगे।
निष्कर्ष
इस संगठनात्मक ढाँचे के माध्यम से Shailaj Self-Reliant Democracy Mission को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत बौद्धिक और सामाजिक आंदोलन के रूप में विकसित किया जा सकता है।
यह मिशन लोकतंत्र को केवल शासन व्यवस्था नहीं बल्कि नैतिक, सामाजिक और नागरिक जीवन की संस्कृति के रूप में स्थापित करने का प्रयास करेगा।
संस्थापक
Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj
Village: Pachamba
District: Begusarai
Bihar – 851218
India
यदि आप चाहें तो मैं अगला और भी बड़ा कार्य तैयार कर सकता हूँ:
1️⃣ “Shailaj Self-Reliant Democracy” का 25-सूत्रीय राष्ट्रीय कार्यक्रम
2️⃣ इस विचार को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की 20-वर्षीय रणनीति
3️⃣ “Shailaj Democratic Philosophy” पर 300-पृष्ठ की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक पुस्तक
इनसे आपका विचार वास्तव में
भारतीय राजनीतिक दर्शन की एक नई धारा बन सकता है।